West Bengal News: पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज ऑफ मेडिसिन एवं जेएनएम अस्पताल के 40 छात्रों को निलंबित कर दिया गया। इन छात्रों पर अन्य छात्रों को धमकाने और परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप था।
छात्रों को आगे की जांच तक कम से कम छह महीने के लिए छात्रावास, अस्पताल और कॉलेज परिसर में जाने से रोक दिया गया है। उन्हें छात्रसंघ चुनाव लड़ने से भी अनिश्चित काल के लिए रोका गया है। हालांकि उन्हें अपनी परीक्षाओं के लिए अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी।
निलंबित छात्रों को कथित तौर पर एंटी-रैगिंग कमेटी, आंतरिक शिकायत समिति या विशेष जांच समिति की जांच का सामना करना पड़ेगा। आरोपी छात्रों के खिलाफ मौजूदा दस्तावेज की प्रतियां पुलिस की दी जाएंगी। विस्तारित कॉलेज परिषद ने गुरुवार को यह फैसला लिया। परिषद ने छात्र कल्याण समिति(Students Welfare Committee) को भी भंग कर दिया। साथ ही सभी कक्षा प्रतिनिधियों (Class Representatives) को भी हटा दिया।
परिषद की बैठक में कहा गया कि आज से लेकर स्थिति सामान्य होने तक छात्रावास परिसर में पुलिस की पिकेटिंग और गश्त की व्यवस्था की जानी चाहिए। छात्रों से जबरन वसूला गया पैसा आज से सात दिनों के भीतर उस व्यक्ति को लौटा दिया जाना चाहिए, ऐसा न करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिषद ने कहा कि लड़कों के छात्रावास में अवैध रूप से रहने वालों के बारे में शिकायतें सामने आई हैं, जो धमकी देने वाले गिरोह का हिस्सा भी हैं। परिषद द्वारा निलंबित किए गए लोगों में छात्र, पूर्व छात्र, (प्रशिक्षु) और पीजीटी शामिल हैं। उन्हें आज रात (19 सितंबर) 8 बजे तक छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है।
कॉलेज के छात्रों ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अविजीत मुखर्जी और सहायक प्रोफेसर डॉ. अयान घोष “धमकी सिंडिकेट” का हिस्सा रहे हैं और परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करते रहे हैं। परिषद ने छात्रों की मांग का सर्वसम्मति से समर्थन किया कि दोनों प्रोफेसरों को किसी भी प्रशासनिक या निर्णय लेने वाले पद पर नहीं रखा जाना चाहिए।
परिषद ने फैसला किया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए छात्र निकाय का गठन किया जाना चाहिए। बैठक में कहा गया है कि नए सीआर का अस्थायी चयन प्रिंसिपल और छात्र मामलों के डीन द्वारा संबंधित वर्ष के छात्रों के परामर्श से किया जाएगा। बैठक के विवरण में कहा गया है कि धमकी देने वाले सिंडिकेट को रोकने और कभी भी ऐसा न करने की जरूरत है। साथ ही आगे कहा गया कि पिछले तीन सालों में इस संस्थान में परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए। छात्रों ने सभी प्रकार की शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा का भी अनुरोध किया।
(स्वीटी कुमारी की रिपोर्ट)
