High Blood Sugar: हाइपरग्लाइसेमिया यानी शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा अधिक हो जाना। पहले ये बीमारी बढ़ती उम्र की निशानी थी लेकिन अब खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान के कारण युवा भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 77 मिलियन लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं। ये बीमारी शरीर के प्रमुख अंगों को प्रभावित करती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यदि शुरुआती समय में इस बीमारी की पहचान हो जाती है तो ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखना आसान हो सकता है।

बता दें कि अधिकांश मरीजों में प्री-डायबिटीज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। जबकि कुछ में इतने आम संकेत नजर आते हैं जिससे ये अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि लोगों का शुगर लेवल हाई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पेट में दर्द और पाचन संबंधी दूसरी दिक्कतें भी उच्च रक्त शर्करा की ओर इशारा करता है। आइए जानते हैं विस्तार से –

पेट दर्द और ऐंठन: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में ब्लड शुगर बढ़ने पर बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं। इस वजह से पाचन संबंधी दिक्कतें मरीजों को होती हैं। खाना खाने के बाद जब भोजन बैक्टीरिया के संपर्क में आते हैं तो इससे पेट दर्द हो सकता है। इसके अलावा, डायबिटीज से वेगस नसें प्रभावित होती हैं जिससे खाना पेट में लंबे समय तक रहता है और लोगों को पेट में ऐंठन व गैस की समस्या हो सकती है।

कब्ज: हालिया स्टडी में पता चला है कि डायबिटीज रोगियों को कब्ज की परेशानी भी हो जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक नसें डैमेज होने से कॉन्सटिपेशन और डायरिया का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए मरीज फाइबर का अधिक सेवन करते हैं जिससे पेट में गैस और ब्लोटिंग की दिक्कत हो सकती है। इस वजह से मरीजों को कब्ज की परेशानी भी हो सकती है।

उल्टी: शरीर पर ब्लड शुगर बढ़ने के कारण अलग-अलग प्रभाव होता है जिस वजह से लोगों को उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। शुगर लेवल का घटना-बढ़ना, डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, लो ब्लड प्रेशर, भोजन का पेट में लंबे समय तक रहना, उन प्रमुख कारकों में से हैं जो डायबिटीज रोगियों को वोमिटिंग की स्थिति पैदा कर सकते हैं।


कैसे करें कंट्रोल: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लड शुगर लेवल अगर ज्यादा हाई या फिर लो हो जाए तो पेट में असुविधा हो सकती है। ऐसे में रक्त शर्करा के स्तर पर निगरानी रखें, भरपूर मात्रा में पानी पीयें, फाइबर का सेवन सीमित रूप से ही करें। साथ ही, जंक, पैकेज्ड और ट्रांस फैट युक्त फूड्स के सेवन से बचें।