रात में भरपूर और गहरी नींद लेना सेहत के लिए बेहद जरूरी है। हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए समय पर सोना और बिना किसी रुकावट के सुबह अपने आप जागना सबसे अच्छा माना जाता है। हालांकि, तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच ऐसे कम ही लोग हैं, जो सुबह जल्दी उठ पाते हैं।
ज्यादातर लोग देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते रहते हैं और कम नींद लेते हैं। वहीं, कई लोग सुबह जल्दी उठने के लिए अलार्म लगाते हैं। दरअसल, सुबह नींद को अचानक झटका देकर तोड़ना शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। अगर आप भी अलार्म से उठते हैं, तो सद्गुरु की कही इस बात को जरूर जानना चाहिए।
अलार्म से बिगड़ती है नींद की क्वालिटी
कई रिपोर्ट में बताया गया है कि रात को अलार्म लगाकर सोने से नींद की क्वालिटी बिगड़ती है। सामान्य तौर पर रात में सात से आठ घंटे सोना अच्छा माना जाता है। हालांकि, जब आप रात को अलार्म लगाकर सोते हैं, तो सही से नींद नहीं ले पाते हैं। आप अपनी नींद के कोटा को कम कर देते हैं, जिससे कई बार पूरे दिन थकावट जैसा फील होता है। कई बार तो इससे हार्मोन भी असंतुलित हो जाते हैं, जिससे तनाव और चिड़चिड़ापन भी होने लगता है।
क्या कहते हैं सद्गुरु?
सद्गुरु के मुताबिक, समय से सोना और जगना हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होता है। वहीं, अलार्म से अचानक जागना अच्छा तरीका नहीं है। उनका कहना है कि अगर आप लंबे समय तक अलार्म से उठेंगे, तो कुछ समय बाद आपको शारीरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर आप सही से सुबह नहीं उठते हैं, तो आप अपनी दिनचर्या में बदलाव कर सकते हैं।
