Pregnancy Diet Tips: गर्भावस्था में महिलाओं को अपनी सेहत का अधिक ध्यान देना पड़ता है क्योंकि उनके साथ ही शिशु का स्वास्थ्य भी जुड़ा हुआ है। ये 9 महीनों का सफर हर महिला के लिए खास होता है। पर खुशियों के साथ आती है जिम्मेदारी और कुछ बदलाव। ये चेंजेज शारीरिक, हार्मोनल, भावनात्मक और मानसिक होते हैं। इस दौरान वजन बढ़ना, बॉडी फिगर डांवाडोल होना, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स, स्ट्रेस, फूड क्रेविंग, कमर दर्द, ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर के अनियमित होने जैसे कई बदलावों से गर्भवती महिलाएं गुजरती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ उन्हें हेल्दी ईटिंग की सलाह देते हैं। इससे न सिर्फ गर्भवतियों को ताकत मिलेगी बल्कि शिशु तक भी भरपूर पोषण पहुंचेगा। इसके साथ ही, मन-मस्तिष्क को शांत रखने में भी खाना अहम भूमिका निभाता है।
डाइट एक्सपर्ट्स के मुताबिक भले ही प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ चीज़ों को खाने से महिलाओं को परहेज करना चाहिए। मगर ज्यादातर फल-सब्जियां उनके लिए फायदेमंद ही साबित होंगी। इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं की सेहत का ख्याल रखते हैं और शिशु के मानसिक विकास के लिए भी जरूरी हैं।
माना जाता है कि गर्भावस्था के तीसरी तिमाही में कीवी का सेवन फायदेमंद है। आखिरी के तीन महीनों में कीवी खाने से खून के थक्के बनने का खतरा कम होता है। बता दें कि इसमें विटामिन के होता है जो शरीर में जाने के बाद ब्लड क्लॉट्स नहीं बनने देते हैं।
इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान आए हार्मोनल बदलाव के कारण पाचन प्रणाली भी प्रभावित होती है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं में कब्ज़ की शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे में कीवी खाने से पेट संबंधी कई समस्याएं दूर होती हैं। बता दें कि कब्ज़ की परेशानी को दूर करने के लिए डॉक्टर्स लोगों को फाइबरयुक्त फूड्स खाने की सलाह देते हैं। कीवी में भी फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है।
कम होता है दूसरी बीमारियों का खतरा: गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज, हाइपरटेंशन और एनीमिया जैसी कई बीमारियों का खतरा होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए आयरन बेहद जरूरी है। साथ ही, महिलाओं को बीमारियों से बचाने में भी आयरन अहम भूमिका निभाता है। कीवी आयरन को एब्जॉर्ब करने में कारगर है। साथ ही, इस फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी होता है जो इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है। दूसरे फलों के मुकाबले कीवी में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है, ऐसे में इनके सेवन से महिलाओं का ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता है।

