रणनीतिकार प्रशांत किशोर राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय देते हैं। प्रशांत किशोर ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को याद किया है। प्रशांत किशोर ने इन चुनावों में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई थी। हालांकि इन चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। अब प्रशांत ने इन चुनावों में कांग्रेस की हार का कारण बताया है।

‘द लल्लनटॉप’ से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मेरे साथ वाले लोगों ने कहा कि अगर कांग्रेस को यूपी में जीत दिलवा दी तो उससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता है। हमने तय किया और यूपी में प्रियंका गांधी को चेहरा बनाने का फैसला किया। हमने प्रियंका को अपना पूरा प्लान बताया। इसमें कांग्रेस के हिसाब से कुछ चीजें उग्र थीं।’

प्रशांत किशोर कहते हैं, ‘हमने कहा कि सोनिया गांधी वाराणसी से रोड-शो करेंगी। यही बात हुई भी और उन्होंने रोड-शो किया। हमने राहुल गांधी के लिए भी अलग रणनीति बनाई। बहुत लोगों को ध्यान नहीं है कि कांग्रेस ने किसान का कर्जा माफ करने की बात की। राहुल गांधी से हमने कहलवाया। फिर बीजेपी ने भी यही मुद्दा उठाया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यूपी का उदाहरण इसलिए दे रहा था क्योंकि आप हारे हुए कैंपेन से भी इतना बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। देवरिया की यात्रा के बाद 12 मॉड्यूल बचे थे और कांग्रेस के लोगों ने सोचा कि अब हवा बन गई है तो इसका फल खा लिया जाए। जिस अखिलेश यादव से उन्हें एक सीट नहीं मिल रही थी वहीं से उन्हें 110 सीटें मिल गईं। जमीन पर कांग्रेस की जो लहर थी उसे गठबंधन करके उन्होंने खत्म कर लिया। मैं इस फैसले के समर्थन में बिल्कुल भी नहीं था। हार का ठीकरा मेरे सिर पर फोड़ा जाना चाहिए।’

अमित शाह के बारे में क्या सोचते हैं प्रशांत किशोर: प्रशांत किशोर से इसी इंटरव्यू में जब अमित शाह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘बहुत कर्मठ व्यक्ति हैं। मैंने बहुत लंबे समय तक उनके साथ काम नहीं किया है, लेकिन मैं समझता हूं पारंपरिक चुनाव लड़ने के तरीके को अमित शाह अच्छे से समझते हैं। कार्यकर्ताओं की और पार्टी संगठनात्मक चीजों की समझ उनकी अन्य नेताओं से बहुत बेहतर है। प्रशांत किशोर ने कहा, चुनाव की समझ बहुत अच्छी है, लेकिन चुनाव तो कोई भी हार सकता है या जीत सकता है। मैं भी यूपी में ये नहीं समझ पाया था।’