मकर संक्रांति का त्योहार पूरे देश में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। वहीं, बिहार और उत्तर प्रदेश में इस पर्व की रौनक कुछ अलग ही देखने को मिलती है। यहां मकर संक्रांति सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, परंपराओं और नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। इस अवसर पर मौसमी और पारंपरिक व्यंजनों का भी खास महत्व होता है।
इस दिन लोग सुबह पूजा-पाठ करने के साथ-साथ दान भी करते हैं और पारंपरिक व्यंजनों का सेवन भी करते हैं। वहीं, बिहार और यूपी में मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, चावल और दाल से बने व्यंजन खास तौर पर खाए जाते हैं। ऐसे में इस आर्टिकल में हम आपके लिए ऐसे ही 7 पारंपरिक व्यंजनों को लेकर आए हैं, जो बिहार और यूपी में मकर संक्रांति पर खाए जाते हैं।
दही-चूड़ा
दही-चूड़ा बिहार का सबसे लोकप्रिय व्यंजन माना जाता है। चूड़ा यानी पोहा को दही और गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर खाया जाता है। यह हल्का, स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
तिलकुट
तिलकुट मकर संक्रांति की पहचान है। इसे तिल और गुड़ से बनाया जाता है। यह पारंपरिक मिठाई सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी मदद करती है। आप भी इसे आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
काले तिल का लड्डू
मकर संक्रांति पर काले तिल के लड्डू दान करने के साथ-साथ खाए भी जाते हैं। इसे काले तिल, गुड़ और अदरक से तैयार किया जाता है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट होता है। काले तिल का लड्डू बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है।
खिचड़ी
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व होता है। चावल, दाल, हल्दी और मौसमी सब्जियों से इसे तैयार किया जाता है। वहीं, इसमें घी डालकर परोसा जाता है। यूपी-बिहार में इसे मुख्य रूप से खाया जाता है।
यूपी-बिहार में खाई जाती है लाई
यूपी-बिहार में मकर संक्रांति पर लाई भी खाई जाती है। इसे मुरमुरे, गुड़, मूंगफली और अदरक से तैयार किया जाता है। यह स्वाद से भरपूर होने के साथ-साथ सर्दियों में ऊर्जा भी देती है।
चूड़ा-मटर
कई जगहों पर मकर संक्रांति पर चूड़ा-मटर भी खाया जाता है। इसे तले हुए चूड़ा और मसालेदार हरी मटर के साथ बनाया जाता है। यह स्वाद में भी काफी लाजवाब होता है।
दाल पीठा
दाल पीठा यूपी-बिहार का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे मकर संक्रांति पर खास तौर पर बनाया जाता है। चावल या गेहूं के आटे में चना दाल की भरावन भरकर इसे भाप में पकाया जाता है और धनिया की चटनी के साथ परोसा जाता है।
