प्रत्यूष राज। Bihar’s Vaibhav Suryavanshi History: वैभव सूर्यवंशी एशिया कप की तैयारी से पहले भारत की अंडर-19 टीम की बैठक में थे, जब कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य ने 13 वर्षीय खिलाड़ी को यह खबर दी कि उन्हें सोमवार (25 नवंबर) को आईपीएल मेगा नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने खरीद लिया है। 13 साल 243 दिन की उम्र में वैभव आईपीएल के इतिहास में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स उन्हें अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी दिखाई। राजस्थान ने 1.1 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा।
इसके साथ ही वैभव के पिता संजीव का सपना पूरा हो गया, जो क्रिकेट बनना चाहते थे, लेकिन माली हालत ठीक न होने के कारण वह 19 साल की उम्र में मुंबई जाना पड़ा। उन्होंने बाउंसर का काम किया। सुलभ शौचालय में भी काम किया। वैभव ने हाल ही में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा जब वह अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज (13 वर्ष, 288 दिन) बने। उन्होंने चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ भारत अंडर-19 के लिए खेले गए यूथ टेस्ट में 62 गेंदों पर 104 रन बनाए।
हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी बात
बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने 58 गेंदों पर शतक बनाया। यह किसी भारतीय का सबसे तेज यूथ टेस्ट शतक और दुनिया में दूसरा सबसे तेज शतक था। वैभव के आईपीएल में चुने जाने पर पिता संजीव ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “मैं अवाक हूं…मुझे नहीं पता क्या कहना है। यह हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे पहले से ही लग रहा था कि उसे चुन लिया जाएगा, लेकिन मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बोली लगाने की होड़ मचेगी।”
नाइट क्लब में बाउंसर के तौर पर काम किया
संजीव ने कहा, “मुझे सब कुछ फ्लैशबैक की तरह याद आ रहा है। मैं खुद भी क्रिकेट का दीवाना था। लेकिन जब मैं 19 साल की उम्र में पैसे कमाने के लिए मुंबई आया तो मुझे अपना सपना मारना पड़ा। मैंने बहुत सी नौकरियां कीं। मैंने कोलाबा के एक नाइट क्लब में बाउंसर के तौर पर काम किया, सुलभ शौचालय में काम किया। मुंबई में बिताए 12 सालों में मैं हमेशा यही सोचता रहता था कि मेरी किस्मत कब बदलेगी। अब मेरे बेटे ने इसे हकीकत बना दिया है। मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा, लेकिन इसके बाद मुझे उसके क्रिकेट के लिए किसी से पैसे उधार नहीं लेने पड़ेंगे।”
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बिहार में क्रिकेट की वापसी
सूर्यवंशी इस साल की शुरुआत में पहली बार सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। इस तरह वह भारत के प्रमुख प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में से एक बन गए। बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “बिहार में क्रिकेट की वापसी हो रही है। रणजी ट्रॉफी की वापसी हो चुकी है। पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 450 करोड़ रुपये का बजट पहले ही पास हो चुका है। और अब वैभव भी मैदान में उतर चुका है। वह भविष्य में भारत के लिए जरूर खेलेगा।”
पिछले कुछ सालों में रॉयल्स ने युवाओं को तैयार किया है
संजीव खुश हैं कि उनका बेटा अपने पसंदीदा खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के संरक्षण में रहेगा, जो अब राजस्थान रॉयल्स की कमान संभाल रहे हैं। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले संजीव ने कहा, “पिछले कुछ सालों में रॉयल्स ने युवाओं को तैयार किया है। चाहे वह संजू सैमसन हो, यशस्वी जायसवाल हो, ध्रुव जुरेल हो या रियान पराग, सभी राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी के प्रोडक्ट हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि वैभव भी उसी राह पर चलेंगे।”
अगले दो साल वैभव के लिए बहुत महत्वपूर्ण
वैभव के बचपन के कोच मनोज ओझा ने कहा, “वैभव के लिए यह बिल्कुल सही है। युवा खिलाड़ी के लिए राजस्थान रॉयल्स से बेहतर कोई फ्रेंचाइजी नहीं है। वीवीएस लक्ष्मण उसे बहुत महत्व देते हैं और उसके विकास पर नजर रखते हैं। उन्होंने पिछले साल कहा था कि अगले दो साल वैभव के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। अगर वीवीएस लक्ष्मण जैसा कोई व्यक्ति उसकी प्रशंसा कर रहा है, तो बच्चे में जरूर कुछ खास होगा।”
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेल रहे वैभव
संजीव को इस बात की चिंता है कि उनका बेटा इस कीमत के दबाव से कैसे निपटेगा। उन्होंने कहा,”पैसा अच्छा है। मुझे जो भी मिलेगा, वह उसके फिक्स-डिपॉजिट में जाएगा। लेकिन मेरा सबसे बड़ा डर यह है कि वह इस स्थिति से कैसे निपटेगा। मैंने अभी तक उससे बात नहीं की है। मैं उससे बात करूंगा और सुनिश्चित करूंगा कि यह आईपीएल नीलामी उसके दिमाग में न घुस जाए, उसे अभी भी लंबा सफर तय करना है।” वैभव शनिवार को दुबई में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच में भारत अंडर-19 टीम की ओर से खेलेंगे।
