खिलाड़ियों की बढ़ती उम्र और खराब फिटनेस अब उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। विराट ने टीम मैनेजमेंट को ‘यो-यो टेस्ट’ के बाद अब ‘नेक्सा टेस्ट’ कराने की सलाह दी है। ये टेस्ट उन खिलाड़ियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, जो खराब फिटनेस से जूझ रहे हैं। नेक्सा टेस्ट 10 मिनट का होता है, जिसके जरिए बॉडी में फैट की जानकारी मिलती है। इसके अलावा मसल और फैट टिशू और खिलाड़ियों का दर्द झेलने की क्षमता का पता चलता है। नेक्सा टेस्ट अमूमन विदेशी फुटबॉल टीमों में किया जाता है।
इस नए टेस्ट का खुलासा टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन ने खुद किया था। बता दें कि जिसका बोन मास कम हुआ या फैट ज्यादा हुआ, उसे टीम में जगह नहीं मिलेगी। 10 जून को महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या, रोहित शर्मा समेत सभी दिग्गज खिलाड़ी इस फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरेंगे।
वहीं खिलाड़ियों की फिटनेस परखने के लिए यो-यो टेस्ट ‘बीप’ टेस्ट का एडवांस वर्जन है। इसमें 20-20 मीटर की दूरी पर दो लाइनें बनाकर कोन रख दिए जाते हैं। एक छोर की लाइन पर खिलाड़ी का पैर पीछे की ओर होता है और वह दूसरी की तरफ वह दौड़ना शुरू करता है। हर मिनट के बाद गति और बढ़ानी होती है और अगर खिलाड़ी वक्त पर लाइन तक नहीं पहुंच पाता तो उसे दो बीप्स के भीतर लाइन तक पहुंचना होता है। अगर वह ऐसा करने में नाकाम होता है तो उसने फेल माना जाता है।
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कमाल की फिटनेस ने दिलाई विराट को गजब सफलता: विराट कोहली 66 टेस्ट की 112 पारियों में 8 बार नाबाद रहते 5554 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 21 शतक, 16 अर्धशतक और 6 दोहरे शतक जड़े हैं। बात अगर 208 वनडे मैचों की करें, तो इसमें 35 बार नाबाद रहते हुए विराट 9588 रन बना चुके हैं। एकदवसीय मैचों में कोहली 35 सेंचुरी और 46 फिफ्टी लगा चुके हैं। वहीं टी20 में कोहली 57 मुकाबलों में 18 अर्धशतक की मदद से 1983 रन बना चुके हैं।



