रणजी ट्रॉफी सीजन का पहला लेग खत्म हो गया है। भारत के घरेलू क्रिकेट का फोकस सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के साथ टी20 क्रिकेट पर है। यह टूर्नामेंट 26 नवंबर को पांच जगहों पर शुरू होगी और कई खिलाड़ियों के करियर को जीवनदान दे सकती है। उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग 2026 ऑक्शन (IPL 2026) और टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम में वापसी के लिए फॉर्म दिखाने का जरूरी प्लेटफॉर्म मिलेगा। इन खिलाड़ियों में पृथ्वी शॉ, वेंकटेश अय्यर और रवि बिश्नोई जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। आइए जानते हैं 5 खिलाड़ियों के बारे में जिनके करियर को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से जीवनदान मिल सकता है।

पृथ्वी शॉ

मुंबई टीम में अपनी जगह गंवाने और आईपीएल 2025 में फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन को लेकर चिंताओं के कारण अनसोल्ड रहने के बाद पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया है। इस कदम ने उन्हें एक नई शुरुआत दी है। उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार वापसी की है। रणजी ट्रॉफी में 92.33 के स्ट्राइक रेट से सात इनिंग्स में 470 रन बनाए हैं। सीजन का व्हाइट-बॉल लेग शुरू होने के साथ शॉ को महाराष्ट्र की कप्तानी भी मिल सकती है, क्योंकि ऋतुराज गायकवाड़ को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। पावरप्ले के शानदार बल्लेबाज शॉ बड़े रन बनाने पर नजर रखेंगे और आईपीएल टीमों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।

रियान पराग

आईपीएल 2025 में संजू सैमसन के चोटिल होने की वजह से बाहर रहने पर पराग को राजस्थान रॉयल्स (RR) का कप्तान बनाया गया, लेकिन उनका फॉर्म पिछले सीजन जैसा अच्छा नहीं रहा। सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से जुड़ गए हैं, इसलिए पराग के पास असम के लिए खेलते हुए खुद को फिर से साबित करने का मौका है। कंधे की चोट के बाद लगभग एक साल से वह भारतीय टीम से बाहर हैं। हाल ही में साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ इंडिया ए सीरीज में भी उनका फॉर्म कुछ खास नहीं था। वह बल्ले और गेंद के साथ-साथ कप्तानी से रॉयल्स के मैनेजमेंट को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, जिनके साथ वह 2018 से जुड़े हैं।

वेंकटेश अय्यर

23.75 करोड़ रुपये में वेंकटेश अय्यर को आईपीएल 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने अपने साथ जोड़ा था। फ्रेंचाइजी को उनसे बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन 2025 में निराशाजनक प्रदर्शन के एक साल बाद उन्हें रिलीज कर दिया गया। उपकप्तान बनाए जाने के बाद उन्होंने सात पारियों में सिर्फ 142 रन बनाए, जिसमें एक हाफ-सेंचुरी भी शामिल थी और इम्पैक्ट-प्लेयर रूल की वजह से उन्हें बॉल से इस्तेमाल नहीं किया गया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में यह नियम लागू नहीं होने के कारण अय्यर के पास अब खुद को ऑलराउंडर के तौर पर खुद को साबित करने का मौका है। वह शायद मध्य प्रदेश के लिए टॉप ऑर्डर में खेलेंगे और जरूरी ओवर करेंगे।

रवि बिश्नोई

2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने रवि बिश्नोई को 4 करोड़ रुपये में अनकैप्ड प्लेयर के तौर पर चुना था। पिछले एक साल में बिश्नोई के शेयर तेजी से गिरे हैं। वरुण चक्रवर्ती की वापसी और ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के आने से बिश्नोई का भारतीय टीम से पत्ता साफ हो गया। आईपीएल में भी उनके साथ दिक्कत हुई है। पिछले दो सीजन में उन्होंने 25 मैचों में सिर्फ 19 विकेट लिए हैं। रिलीज होने के बाद वह गुजरात के लिए अच्छा प्रदर्शन करके न सिर्फ आईपीएल टीमों में बल्कि भारतीय टीम में भी अपनी जगह बनाने की उम्मीद करेंगे।

उमरान मलिक

उमरान मलिक आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 156.9 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से बॉलिंग करते हुए नजर आए, लेकिन अब उनका करियर पटरी से उतर गया है। मलिक की फिटनेस, फॉर्म और एटीट्यूड सभी सवालों के घेरे में रहे हैं, जिससे उन्हें मैदान से दूर और रिहैब में ज्यादा समय बिताया है। चोट (हिप और हैमस्ट्रिंग) और बीमारी की वजह से वह 2024-25 का पूरा घरेलू सीजन और उसके बाद का आईपीएल नहीं खेल पाए, लेकिन वह वापसी कर चुके हैं और पूरी ताकत से बॉलिंग कर रहे हैं। अभिषेक नायर के अंडर ट्रेनिंग कैंप में भी हिस्सा लिया है। खास बात यह है कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के अब नायर हेड कोच हैं। उन्होंने आने वाले सीजन के लिए मलिक को रिटेन किया है। पहले राउंड में सिर्फ एक रणजी मैच खेलने के बाद मलिक के पास अब आईपीएल टीमों को यह दिखाने का मौका है कि वह क्यों एक एसेट होंगे।