केरल ने बुधवार (19 फरवरी) को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच को ड्रा कराया और पहली पारी में 1 रन की मामूली बढ़त के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्लेयर ऑफ द मैच सलमान निजर (नाबाद 44 रन, 162 गेंद, 8 चौके) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (नाबाद 67 रन, 118 गेंद, 9 चौके और 2 छक्के) ने सातवें विकेट के लिए 115 रन की अटूट साझेदारी की। इस जोड़ी ने लगभग 43 ओवर खेले। इससे केरल ने दूसरी पारी में छह विकेट पर 295 रन बनाए।
केरल के सेमीफाइनल में पहुंचने से जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा की शतकीय पारी पर पानी फिर गया। पारस डोगरा ने दो साल बाद प्रथम श्रेणी शतक लगाया। उन्होंने 31वें शतक के साथ अजय शर्मा के दूसरे सबसे ज्यादा रणजी ट्रॉफी शतकों की बराबरी कर ली। उनका पिछला शतक भी पांडिचेरी के लिए खेलते हुए केरल के खिलाफ आया था। पारस डोगरा ने 232 गेंद पर 132 रन की पारी खेली थी।
गुजरात के साथ सेमीफाइनल में भिड़ंत होगी
सलमान निजर और मोहम्मद अजहरुद्दीन की साझेदारी केरल के लिए पर्याप्त थी। उसने चौथे दिन खेल समाप्त होने तक 2 विकेट पर 100 रन बनाए थे। केरल का 17 फरवरी को पूर्व चैंपियन गुजरात के साथ सेमीफाइनल में भिड़ंत होगी। 2018-19 सत्र के बाद रणजी ट्रॉफी के अंतिम चार दौर में केरल दूसरी बार पहुंचा है। पिछली बार वे वायनाड में चैंपियन विदर्भ से एक पारी और 11 रन से हार गए थे।
आबिद मुश्ताक को चकिंग के लिए चेतावनी
बाएं हाथ के बल्लेबाज सलमान निजर ने केरल की पहली पारी में भी महत्वपूर्ण नाबाद 112 रन बनाए थे। उन्होंने बासिल थंपी के साथ 81 रन की साझेदारी कर केरल को 1 रन की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई थी। केरल के तीसरे विकेट के लिए कप्तान सचिन बेबी (48) और अक्षय चंद्रन (48) ने 58 रन जोड़े। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने 44 ओवर खेले। जम्मू-कश्मीर के बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक को भी मैदानी अंपायरों ने चकिंग के लिए मौके पर ही चेतावनी दे दी। गेंद को नो-बॉल करार दिया गया।
