भारतीय चयनकर्ता शुक्रवार को यहां जब इंग्लैंड के खिलाफ तीन एकदिवसीय और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए टीम का चयन करने के लिए बैठेंगे तो यह लगभग तय है कि विराट कोहली को इन दोनों प्रारूपों की कप्तानी भी सौंपी जाएगी जिससे भारत की सीमित ओवरों की क्रिकेट में नए युग की शुरुआत होगी। महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार को सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ दी और ऐसे में अब टैस्ट कप्तान कोहली को इन दोनों प्रारूपों में टीम की अगुआई करने का जिम्मा सौंपा जा सकता है। कोहली को कप्तानी का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं के लिए उचित संतुलन बनाते हुए दो टीमों का चयन करना आसान नहीं होगा क्योंकि कई खिलाड़ी अब भी चोटों से जूझ रहे हैं। मुंबई के दो बल्लेबाज रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाणे चोटिल होने के कारण बाहर हैं। इससे खराब फार्म में चल रहे शिखर धवन को फिट होने की स्थिति में केएल राहुल के साथ पारी का आगाज करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह भी हो सकता है कि चयनकर्ता किसी बिल्कुल नए खिलाड़ी पर भरोसा दिखाएं। कर्नाटक के राहुल चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे शृंखला में नहीं खेल पाए थे जबकि दिल्ली के बल्लेबाज धवन भी न्यूजीलैंड के खिलाफ टैस्ट शृंखला के दौरान चोटिल हो गए थे। बाएं हाथ के बल्लेबाज धवन ने जनवरी में आखिरी बार आस्ट्रेलिया में वनडे मैच खेले थे। पहले दो मैचों में फ्लाप रहने के बाद उन्होंने अगले तीन मैचों में एक शतक और दो अर्धशतक लगाए थे।
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टैस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ने वाले करूण नायर को रहाणे के स्थान पर सीमित ओवरों की टीम में चुने जाने की संभावना है। स्टार स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की उपलब्धता पर अब भी सवालिया निशान लगा हुआ है जो इंग्लैंड के खिलाफ टैस्ट शृंखला के बाद चोट के कारण तमिलनाडु की तरफ से रणजी ट्राफी में नहीं खेले। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे शृंखला में भी नहीं खेले थे क्योंकि तब उन्हें विश्राम दिया गया था। दूसरे आफ स्पिनर जयंत यादव को चोटिल होने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टैस्ट मैच से बाहर रहना पड़ा था। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता मैच फिटनेस साबित किए बिना इन दोनों गेंदबाजी आलराउंडरों का चयन करते हैं या नहीं। धोनी भले ही कप्तानी से हट गए हैं लेकिन उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में खुद को उपलब्ध रखा है। चयनकर्ताओं को भी इससे अवगत करा दिया गया है जो कि अन्य दावेदारों पर उन्हें ही तरजीह देंगे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ रविंद्र जडेजा को विश्राम देकर अक्षर पटेल को बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में चुना गया था। लेकिन अब टैस्ट और वनडे के बीच काफी विश्राम मिलने के बाद जडेजा को टीम में लिया जा सकता है। उस टीम में यादव के साथ अमित मिश्रा तीसरे स्पिनर थे। मनीष पांडे और केदार जाधव के अलावा मनदीप सिंह वनडे टीम में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे शृंखला में नहीं खेलने वाले मोहम्मद शमी और धवल कुलकर्णी चोटिल होने के कारण बाहर हैं तो चयनकर्ता अच्छी फार्म में चल रहे जसप्रीत बुमराह और उमेश यादव के साथ इशांत शर्मा को चुन सकते हैं।
हार्दिक पंड्या भी इंग्लैंड के खिलाफ टैस्ट शृंखला के दौरान चोटिल हो गए थे लेकिन वह यहां डीवाई पाटिल टी20 टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और उन्हें टीम में लिया जा सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता सुरेश रैना पर वनडे के लिए विश्वास दिखाते हैं या नहीं। रैना को हालांकि फिट घोषित होने पर तीन टी20 मैचों के लिए टीम में शामिल किया जा सकता है। चयनकर्ता ब्रेबोर्न स्टेडियम में दस और 12 जनवरी को होने वाले दो अभ्यास मैचों के लिए भी शुक्रवार को भारत ए टीम का चयन करेंगे। बैठक के बारे में आधिकारिक जानकारी बीसीसीआइ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जोहरी ने प्रेस में बयान जारी की। वह बर्खास्त अजय शिर्के की जगह बोर्ड में फिलहाल सचिव की भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड की टीम रविवार को फिर से भारत आएगी। टैस्ट शृंखला के बाद वह क्रिसमस की छुट्टियों पर स्वदेश लौट गई थी। वनडे शृंखला 15 जनवरी से पुणे में शुरू होगी जबकि बंगलुरु में एक फरवरी को होने वाले तीसरे और अंतिम टी20 मैच से इस शृंखला का समापन होगा।

