अजय शर्मा
भारत अंडर-17 फुटबॉल विश्व कप टीम के मिडफील्डर और कप्तान अमरजीत सिंह कियाम यूरोप में भारतीय टीम की तैयारियों में हिस्सा लेने के बाद लौट आए हैं और मणिपुर के छोटे से गांव थॉबल में रहने वाली अपनी मां के लिए कपड़े से बना एक थैला स्पेन से लेकर आए हैं। इस थैले पर उनकी नजर स्पेन में एक दुकान पर पड़ी थी। उन्हें यह अच्छे से पता था कि उनकी मां के पास ऐसा मजबूत थैला नहीं है, जो सुदूर उत्तर-पूर्व से लंबी यात्रा में उनका साथ दे पाए।
जो भी हो, अब इस थैले को उनकी मां ने दिल्ली दौरे के लिए अपने दो कमरों वाले मकान के एक कोने में संभालकर रख लिया है। 16 साल के भारतीय कप्तान अमरजीत की प्रतिभा को चंडीगढ़ फुटबॉल अकादमी ने तराशा है और वे यहीं स्कूल में पढ़ते भी हैं।
मणिपुर के इस फुटबाल खिलाड़ी की मां अशांगबी देवी कियाम (60) वैसे प्लास्टिक का थैला उठाने की आदी हैं। अशांगबी देवी के पति चंद्रमणि सिंह कियाम छोटे किसान हैं और बढ़ई का काम भी करते हैं। वही अशांगबी को साइकिल पर बैठाकर स्थानीय बस अड्डे पर छोड़कर आते हैं, जहां से बस में कुछ घंटे का सफर करने के बाद वे इंफल के सेंट्रल मार्केट पहुुंचती हैं और थैले में मछलियां भर लेती हैं। वहां से वह नजदीक की गलियों में उन्हें बेचने निकल जाती हैं। इस तरह वे रोजाना 250-300 रुपए कमाती हैं जिससे उनके परिवार का गुजारा होता है।अब जब अमरजीत को भारतीय टीम का कप्तान घोषित कर दिया गया है, तो उनकी मां बाजार में लोगों को बताती हैं कि उनका बेटा देश का कप्तान बन गया है। जून में अमरजीत एक हफ्ते के लिए अपने घर गए थे। उनकी बहन ओमिला देवी कराते व ताइक्वांडो खिलाड़ी हैं। उनका कहना है, ‘अमरजीत को मां के हाथ की बनी मछली बड़ी अच्छी लगती है। उसने पहली बार हवाई यात्रा मां के बचाए हुए पैसों से की थी पर अब तो वह रोज हवाई जहाज में उड़ता है। बीते एक ही साल में वह दर्जनभर से ज्यादा देशों के दौरे पर जा चुका है।’
अमरजीत के भाई उमाकांत सिंह के लिए उसका स्पेन का दौरा बड़ा खास रहा। उनका कहना है, ‘वह वहां अपने दोस्तों को बार्सीलोना एफसी टीम के साथ अपनी तस्वीरें खींचने को कहता था और वह तस्वीरें उसने यहां आकर हमें दिखार्इं भी। वह वहां ज्यादा खरीदारी तो नहीं कर पाया पर मां के लिए एक बैग उसने जरूर खरीदा। वह चाहता है कि जब मां उसकी टीम का अमेरिका के साथ पहला मैच देखने दिल्ली आए तो वही बैग साथ लेकर लाए, जो वह खास मां के लिए स्पेन से लेकर आया है।’

