भारतीय मुक्केबाजी महासंघ : बीएफआई : के अध्यक्षभारत में इस खेल के लिये परेशानी का सबब बने आपसी कलह को नियंत्रित करना मुश्किल नहीं है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह अपने अनुभव के दम पर पूरी व्यवस्था का पेशेवर बनाने में सफल रहेंगे।
पिछले महीने बीएफआई अध्यक्ष चुने गये अजय सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘भारत में लगता है कि खेल में खिलाड़ियों से अधिक उसके प्रशासकों और राजनीतिज्ञों को तवज्जो मिलती है। इसलिए मुझे लगा कि इसमें पेशेवरपन लाना उपयोगी होगा। मुझे लगता है कि मुक्केबाजी में इसकी एक कोशिश की जा सकती है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए विचार यह है कि मुक्केबाजी को जितना संभव हो सके पेशेवर बनाना है। मैं अपनी तरफ से ईमानदार प्रयास करूंगा। पिछले चार वर्षों में भारतीय मुक्केबाजी के लिये चीजें बहुत खराब रही और इसलिए मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। मैं यही कह सकता हूं। ’’
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अजय ने कहा, ‘‘मेरे यहां कुछ भी हित नहीं जुड़े हैं। यह खेल फले फूले इस संतुष्टि के अलावा मुझे इससे कुछ भी हासिल करने की जरूरत नहीं है। मैं कारपोरेट हूं या पेशेवर के हिसाब से आप जो कुछ भी कहना चाहें। मैं वास्तव में अंदरूनी कलह की परवाह नहीं करता। यह मायने नहीं रखता। जो कुछ हुआ वह बीता हुआ समय है। हमें आगे बढ़ने और जितना संभव हो सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है।’’ सफल व्यवसायी अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने रियो ओलंपिक में भारत के लचर प्रदर्शन को देखने के बाद खेल प्रशासन में उतरने का फैसला किया। भारत ने रियो खेलों में केवल एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था।
भारतीय मुक्केबाजी के लिये अपने विजन के बारे में अजय सिंह ने कहा कि उनका ध्यान आधारभूत ढांचे में सुधार करने और केवल मुक्केबाजों ही नहीं बल्कि कोचों और तकनीकी अधिकारियों के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण मुहैया कराना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘पहले मैं मुक्केबाजों को सबसे आगे केंद्र में रखना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि खेल मुक्केबाजों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों के लिये होना चाहिए। हमें उन पर ध्यान देकर यह सुनिश्चित करने की जरूरत है वे अच्छी तरह से प्रशिक्षित हों और प्रतिस्पर्धा करने के लिये पूरी तरह से तैयार हों। ’’
अजय ने कहा, ‘‘हमें भारतीय मुक्केबाजी के लिये उत्कृष्टता केंद्रों का निर्माण करने की जरूरत है। हमें सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी, सर्वश्रेष्ठ खेल दवाओं का उपयोग करने की जरूरत है। मैं भारत में मुक्केबाजी के लिये सर्वश्रेष्ठ आधारभूत ढांचा देखना चाहूंगा। इसके अलावा मैं चाहूंगा कि जितना संभव हो यहां अधिक से अधिक टूर्नामेंटों का आयोजन हो। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘तथा मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मुक्केबाजी महासंघ भी वित्तीय रूप से मजबूत हो। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि खेल का बेहतर पेशेवर तरीके से व्यावसायीकरण हो। ’’

