भारत में पर्याप्त अवसर न मिलने पर ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट में हाथ आजमाने वाले निखिल चौधरी ने सोमवार (24 नवंबर) को शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट में इतिहास रच दिया। उन्होंने तस्मानिया के लिए पहला फर्स्ट-क्लास शतक बनाया और इस सदी में शेफील्ड शील्ड में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बन गए। उनकी जबरदस्त 163 रन की पारी ने न सिर्फ तस्मानिया को शेफील्ड शील्ड के इतिहास में अपने दूसरे सबसे बड़े स्कोर तक पहुंचने में मदद की, बल्कि न्यू साउथ वेल्स की मुश्किलें बढ़ा दीं। ।
दिल्ली में जन्मे और वनडे क्रिकेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाले निखिल चौधरी 2020 में ऑस्ट्रेलिया चले गए। कोरोना महामारी के दौरान वहीं फंस गए। तब से भारतीय नागरिक होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के स्थायी निवासी बन गए हैं। स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर को क्वींसलैंड क्लब क्रिकेट में तस्मानिया के सहायक कोच जेम्स होप्स ने देखा था, जिन्होंने दो साल पहले बीबीएल में होबार्ट हरिकेंस में उनकी सिफारिश की थी।
निखिल चौधरी ने तनवीर संघा को छक्का लगा 150 रन पूरे किए
निखिल चौधरी फिर पिछली गर्मियों की शुरुआत में तस्मानिया से जुड़ गए और इस सीजन में उन्हें वन-डे कप में मौका मिला। 29 साल के निखिल चौधरी ने 184 गेंदों की अपनी पारी में पांच छक्के मारे। दिन के आखिर में उन्होंने तनवीर संघा की खूब पिटाई की।
तास्मानिया ने 623 रन बनाए
खेल के आखिरी घंटे में निखिल चौधरी ने संघा को चार बार स्लॉग-स्वीप किया और लेगस्पिनर को ग्रैंडस्टैंड की छत पर पहुंचाकर 150 रन पूरे किए। तनवीर ने ही उन्हें आउट किया। निखिल चौधरी ने 184 गेंदों पर 163 रन बनाए। इसके अलावा टिम वार्ड ने 119 और सैलेब ज्वैल ने 102 रन बनाए। ब्रैड होप ने 91 और जॉर्डन सिल्क ने 56 रन बनाए। न्यू साउथ वेल्स के पहली पारी में 9 विकेट पर 391 रन के जवाब में तास्मानिया ने 623 रन बनाए।
