टीम इंडिया को 2-2 बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी के आज यानी 23 दिंसबर 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15 साल पूरे हो गए। इतने लंबे सफर के दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने डेब्यू के तीन साल बाद ही टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया था। उनकी अगुआई में टीम इंडिया ने पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन मुकाम हासिल किया था। धोनी ने 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वनडे और टी20 में वे अभी सक्रिय हैं।
हालांकि, पिछले 6 महीने से वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। इस दौरान उनके संन्यास लेने की अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद ने इन पर विराम लगा दिया। धोनी ने खुद भी कहा कि जनवरी तक इस संबंध में उनसे कोई सवाल नहीं किया जाए। अब उनके फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने की उम्मीद की जा रही है।
धोनी की गिनती दुनिया के सफलतम कप्तानों में की जाती है। वे अपनी अगुआई में आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंटों (वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी) में टीम को चैंपियन बनाने वाले इकलौते कप्तान हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका डेब्यू निराशाजनक रहा था। धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को चिटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।
Who was your team’s player of the decade?
Go
— ICC (@ICC) December 23, 2019
उस मैच में वे बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे। यही नहीं, वे उस सीरीज की तीन पारियों में महज 19 रन ही बना पाए थे। हालांकि, टीम इंडिया के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली उनकी प्रतिभा को पहचान चुके थे। तभी उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अगली सीरीज के लिए भी धोनी को चुना।
धोनी भी गांगुली के भरोसे पर खरे उतरे। उन्होंने सीरीज के दूसरे वनडे मैच में ही 148 रन की पारी खेली। इसके बाद तो फिर धोनी छाते गए और इतिहास रचते गए। सितंबर 2007 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए उनको टीम इंडिया की कमान सौंपी।
उस समय क्रिकेट समीक्षकों ने धोनी की प्रतिभा को कम आंका था, लेकिन उन्होंने तमाम कयासों और रिकॉर्डों को धता बताते हुए टीम को चैंपियन बना दिया। यही नहीं, धोनी की अगुआई में ही टीम इंडिया ने 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीता। इससे पहले 1983 में कपिल देव की अगुआई में टीम इंडिया ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था।


