भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें इस नागरिक सम्मान से सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति एम.वैकेया नायडू भी इस दौरान उपस्थित रहेंगे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

मगर सबसे रोचक बात है कि धोनी को यह सम्मान साल 2018 में ठीक उसी दिन (आज 2 अप्रैल) मिल रहा है, जिस दिन साल 2011 में भारत विश्व विजेता बना था। देश की क्रिकेट टीम की जीत के तब असली नायक धोनी ही थे। वह उस वक्त टीम के कप्तान भी थे। श्रीलंका के खिलाफ उस फाइनल मुकाबले में उन्होंने आखिरी गेंद पर हेलिकॉप्टर शॉट के जरिए छक्का जड़ा था। ऐसे में, माही और भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यह दिन बेहद खास माना जा रहा है।

याद दिलाते चलें कि आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल दो अप्रैल 2011 को मुंबई में हुआ था। वानखेड़े स्टेडियम में भारत का सामना श्रीलंका से हुआ था। श्रीलंका ने तब टॉस जीता था और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। श्रीलंका ने छह विकेट के नुकसान पर 274 रन बनाए थे। यानी धोनी के धुरंधरों के सामने तब 275 रनों का लक्ष्य था। भारत ने 48.2 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए थे और मैच अपने नाम किया था। सबसे रोमांचक किरदार इसमें धोनी का था। उन्होंने आखिरी गेंद पर हेलिकॉप्टर शॉट जड़ा था, जो हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर हो गया।

धोनी के अलावा यह सम्मान भारतीय बिलियर्ड्स खिलाड़ी पंकज आडवाणी को भी मिलेगा। राष्ट्रपति ने इससे पहले 20 मार्च को पहली खेप के पद्म पुरस्कारों का एलान किया था। टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन, बैडमिंटन स्टार किदंबी श्रीकांत और 1972 में पैरालिंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले स्विमर मुरलीकांत पेटकर को सम्मानित किया गया था।

पद्म पुरस्कारों के लिए इस साल कुल 85 लोगों को चुना गया है, जिन्हें दो बार में सम्मानित किया जाना है। पुरस्कार वितरण में कुल तीन पद्म विभूषण, नौ पद्म भूषण और 73 पद्म श्री सम्मान में से 43 लोगों को पुरस्कार सोमवार को बांटे जाने हैं। विजेताओं में इस साल कुल 14 महिलाएं हैं, जबकि 16 विदेशी लोगों का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है।