इंडियन क्रिकेट टीम इस वक्त इंग्लैंड के दौरे पर है। भारतीय टीम जहां भी जाती है, वहां उसके फैन्स साथ होते हैं। जहां कहीं भी भारतीय क्रिकेटर्स देश के लिए खेलने जाते हैं, स्टेडियम में फैन्स उनके पीछे-पीछ पहुंच जाते हैं। केवल फैन्स ही नहीं कोई और भी है जो हमेशा भारतीय टीम के साथ होता है। हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के बस ड्राइवर जेफ गुडविन की। टीम इंडिया किसी देश के दौरे पर जाती है तो वहां मैच के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाती रहती है, ऐसे में सभी खिलाड़ी समय पर मैदान में पहुंच जाए, इसकी जिम्मेदारी गुडविन के हाथों में होती है।

बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) ने अपनी वेबसाइट में जेफ के इंटरव्यू का एक वीडियो डाला है, जिसमें जेफ भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बातें करते दिख रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया की तारीफ करते हुए इसे एक ‘प्रोफेशनल’ टीम कहा। उन्होंने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके बेटे ने भी कुछ क्रिकेट टीम्स के लिए ड्राइविंग की और उस वक्त उनके बेटे के बगल में तेंदुलकर बैठा करते थे।

गुडविन ने कहा, ‘मेरा बेटा क्रिकेट टीमों के लिए ड्राइविंग कर रहा था। उसने इंडिया के लिए भी ड्राइविंग की और तेंदुलकर उसके बगल में बेठा करते थे और वह कहते थे कि तुम्हारे पिता एक बड़े स्टार हैं। साल के अंत तक मेरा बेटा भी बड़ा स्टार बन गया। वह अभी 21 साल का है। मुझे और मेरे बेटे को भारत सरकार की तरफ से थैंक्यू लेटर आया था।’ गुडविन ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की टीम भी उन्हें काफी पसंद करती है।

भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के बारे में बात करते हुए गुडविन ने एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘कुछ साल पहले मेरी पत्नी की तबीयत काफी खराब हो गई थी। उस वक्त लीड्स में रैना ने मेरी मदद की। उन्होंने नीलामी के लिए अपनी शर्ट उतार दी। मैं उसे कभी नहीं भूल सकता।’ पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ करते हुए जेफ ने कहा कि वह बहुत ही अच्छे विकेटकीपर हैं। कैप्टन कोहली के बारे में जेफ ने बताया कि वह अक्सर ही उनकी टांग खिंचाई करते रहते हैं। इंटरव्यू के वक्त युजवेंद्र चहल भी बस में बैठे थे। चहल की तरफ इशारा करते हुए जेफ ने कहा कि यह मुझे ‘ओल्ड मैन’ कहते हैं।

जेफ ने भारतीय टीम को अनुशासित टीम भी कहा। उन्होंने कहा, ‘मैंने नोटिस किया है कि मेरे समय से खेल अब काफी बदल गया है। पहले, उदाहरण के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम गेम खत्म होने के बाद रात दो बजे तक चेंजिंग रूम में रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। और टीम इंडिया मैंने अपनी जिंदगी में इससे ज्यादा प्रोफेशनल टीम नहीं देखी, जो खेल खत्म होने के बाद सीधे स्टेडियम से बाहर निकल जाती है। मुझे प्रोफेशनलिज्म काफी पसंद है।’