भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ की तारीफ करते हुए कहा है कि उनमें सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और वीरेंद्र सहवाग की झलक दिखती है। शास्त्री ने कहा, “उनका (शॉ) जन्म क्रिकेट खेलने के लिए ही हुआ है। वह आठ साल की उम्र से मुंबई के मैदानों में खेल रहे हैं। आप उनकी कड़ी मेहनत देख सकते हैं। दर्शकों को भी उनका खेल शानदार लगता है। उनमें थोड़ी सचिन की और थोड़ी सहवाग की झलक दिखती है और जब वह चलते हैं तो उसमें लारा की भी झलक देखने को मिलती है।”
उन्होंने कहा, “अगर वह खुद को एकाग्र रखते हैं और खेल पर ध्यान देते हैं तो उनका भविष्य सुखद है। शॉ ने अपने पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ा था। उन्होंने दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपनी पहली पारी में 52 गेंदों पर शानदार 70 रन की पारी खेली। भारतीय कोच ने इस अवसर पर तेज गेंदबाज उमेश यादव की भी तारीफ की, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट चटकाए। वह कपिल देव और जवागल श्रीनाथ के बाद 10 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। शास्त्री ने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर बेंच पर बैठना काफी निराश करने वाले वाला होता है जैसा कि उमेश के साथ चार मैचों में हुआ। सिर्फ 11 खिलाड़ी खेल सकते हैं। उन्होंने यहां मिले मौका का अच्छा फायदा उठाया, मैं उनके लिए खुश हूं। ऐसा प्रदर्शन सिर्फ चौथी बार हो रहा है।
जबकि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि अपने पहले ही टेस्ट में शतक जमाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ की तुलना इस समय किसी से भी नहीं की जानी चाहिए। शॉ ने राजकोट में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करते हुए 134 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ियों से की जाने लगी।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट मैच शुक्रवार से राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुरू हो रहा है। मैच की पूर्व संध्या पर कोहली ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्हें अभी किसी चीज में धकेलना चाहिए क्योंकि आपको इस बात को समझना चाहिए कि इस युवा को अभी आगे बढ़ने के लिए समय देने की जरूरत है।”

