साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए रविवार (23 नवंबर) को भारतीय टीम का ऐलान हो गया। कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान श्रेयस अय्यर की अनुपलब्धता में केएल राहुल को कप्तान बनाया गया। दो खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा की 2 साल बाद वनडे टीम में वापसी हुई, लेकिन दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद शमी और संजू सैमसन के वनडे करियर पर सवालिया निशान लग गया है।

भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने वाले शमी के करियर पर पहले से ही सवालिया निशान है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने शमी को न चुनने का कारण फिटनेस बताया था, लेकिन अमरोहा का यह तेज गेंदबाज रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलते दिखा। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी बंगाल की टीम में उनका चयन हुआ, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज से वह तब नजरअंदाज किए गए हैं जब मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह में से कोई भी नहीं चुना गया है। शमी को लगातार नजरअंदाज करने को लेकर पीछे खबर आई थी कि उन्होंने इंग्लैंड जाने से मना कर दिया था

संजू सैमसन को क्यों नहीं मिला मौका

संजू सैमसन के वनडे करियर को लेकर सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में 3-3 विकेटकीपर चुने गए हैं। केएल राहुल और ऋषभ पंत के अलावा ध्रुव जुरेल भी टीम का हिस्सा हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पंत के न होने पर भी सैमसन को न चुनने को लेकर अगरकर ने कहा था कि केरल का यह विकेटकीपर बल्लेबाज टॉप ऑर्डर में खेलता है। टॉप ऑर्डर में जगह खाली न होने से वह नहीं चुने गए। संजू के न चुनने का अगर यह कारण है तो श्रेयस और गिल के न होने पर टॉप ऑर्डर में जगह खाली थी। ऐसे में उन्हें मौका दिया जाना चाहिए था। संजू सैमसन ने अपना आखिरी वनडे तिलक वर्मा के साथ दिसंबर 2023 में खेला था। उन्होंने 108 रनों की पारी खेली थी।

तिलक वर्मा का क्यों हुआ चयन

ऋतुराज गायकवाड़ को भारतीय टीम में गिल के विकल्प के तौर पर मौका मिला है। साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन के कारण वह भारतीय टीम में चुने गए। उन्होंने 3 पारियों में 105 के औसत से 210 रन बनाए। दूसरी ओर तिलक वर्मा टीम के कप्तान थे। उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। 3 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने केवल 79 रन बनाए। इसके बाद भी उन्हें भारतीय वनडे टीम में श्रेयस अय्यर के विकल्प के तौर पर जगह मिल गई। तिलक को मौका मिलने का एक कारण कोच गौतम गंभीर की सोच भी है। गंभीर के आने के बाद भारतीय टीम में ऑलराउंडर्स और बाएं हाथ के खिलाड़ियों को खूब तवज्जों मिली है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ चुनी गई वनडे टीम में 6 बल्लेबाज या ऑलराउंडर ऐसे हैं, जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।