भारतीय टीम का पिछले एक डेढ़ साल में घरेलू सरजमीं पर प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। टीम इंडिया ने गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद घर में सात टेस्ट मैच खेले हैं और पिछले पांच में उसे हार झेलनी पड़ी है। पिछले साल 2024 में न्यूजीलैंड ने 3-0 से भारत को हराकर क्लीन स्वीप किया था। अब साउथ अफ्रीका ने घर में आकर भारत को 2-0 से हराया और सूपड़ा साफ कर दिया।
ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर ऐसी क्या गलतियां गौतम गंभीर कर रहे हैं कि अचानक राहुल द्रविड़ की कोचिंग के बाद उनके नेतृत्व में घर पर भारतीय टीम का प्रदर्शन खराब होता जा रहा है। ऐसे कई बिंदु हैं जिन पर हम नजर डाल सकते हैं। अब भारत को अगले 6-7 महीने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना है। अगला दौरा श्रीलंका का होगा जहां जाने से पहले भारत को अपनी इन समस्याओं से निपटना होगा।
गौतम गंभीर की 3 बड़ी गलतियां जिससे घर पर खराब हुआ भारत का प्रदर्शन:-
1- बैटिंग पोजीशन में स्थिरता नहीं
भारतीय टीम को पिछले एक डेढ़ साल में घर पर मिल रहीं लगातार टेस्ट हार के बाद सबसे बड़ी मुश्किल और गलती जो सामने आई है वो है बैटिंग ऑर्डर। भारतीय टीम में नंबर 3 की समस्या लगातार उभर कर आ रही है। शुभमन गिल की चोट के बाद नंबर 4 पर भी चर्चा होने लगी। नंबर 3 की बात करें तो भारतीय टीम को चेतेश्वर पुजारा के बाद कोई विकल्प नहीं मिल पाया है। भारतीय टीम की प्लेइंग 11 स्थिर नहीं है। पिछले 14 महीनों में 24 खिलाड़ी खेल चुके हैं फिर भी आपकी प्लेइंग 11 स्थिर नहीं है।
इस सीरीज में पिछले मैच में वाशिंगटन सुंदर को इस पोजीशन पर मौका मिला। इस मैच में वापस साई सुदर्शन आ गए। तो इस पोजीशन की समस्या से लगातार भारतीय टीम जूझ रही है। मध्यक्रम में भी भारत के पास कोई ऐसा अनुभवी बल्लेबाज नहीं है इस वक्त जो किसी भी स्थिति से टेस्ट क्रिकेट में क्रीज पर टिक पाए और मैच को निकाल सके। करुण नायर ने इंग्लैंड दौरे पर निराश किया था। अजिंक्य रहाणे को मौका नहीं मिला। ऐसे में सोच विचार टीम मैनेजमेंट, सेलेक्टर्स और कोच के लिए जरूरी है।
2- अक्षर पटेल पर नितीश रेड्डी को तरजीह
नितीश रेड्डी को पिछले कुछ समय से लगातार टीम इंडिया में बहुत ज्यादा तरजीह दी जा रही है। उनको लेकर टीम मैनेजमेंट का मत भी साफ नहीं है। टेस्ट सीरीज से पहले उन्हें स्क्वाड से रिलीज किया गया। फिर जब गिल इंजर्ड हुए तो उन्हें वापस बुलाया गया। मौके उन्हें मिल रहे हैं लेकिन वह कुछ खास कर नहीं पा रहे। उनके लिए अक्षर पटेल को टीम से बाहर किया जो अनुभव के साथ-साथ बेहतर गेंदबाज और बल्लेबाज साबित हो सकते थे।
नितीश ने गुवाहाटी टेस्ट में पहली पारी में 6 ओवर और दूसरी पारी में 4 ओवर ही गेंदबाजी की। उन्होंने 10 ओवर में 49 रन दिए कोई विकेट नहीं लिया। बल्लेबाजी में भी वह निराश कर रहे हैं। एमसीजी में एकमात्र शतक के बाद से पिछली 10 पारियों में वह 103 रन ही बना पाए हैं। उनका औसत महज 10 का है। सिर्फ तीन बार वह डबल डिजिट में पहुंचे हैं। ऐसे में उनके रोल और परफॉर्मेंस को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को निर्णय लेना होगा।
3- पिच पढ़ने में नाकाम
गौतम गंभीर की सबसे बड़ी नाकामी टेस्ट क्रिकेट में बतौर कोच जो उभरकर आई है वो है उनकी पिच को पढ़ने में नाकामी। इससे पहले राहुल द्रविड़ को उनके कार्यकाल के दौरान पिच को लेकर काफी सीरियस देखा जाता था। उनके कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन भी शानदार था। लेकिन गौतम गंभीर की बतौर कोच पिच को पढ़ने में नाकामी साफ नजर आ रही है। इसी मैच (गुवाहाटी टेस्ट) को देखें तो साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज ऐसा लग रहा था किसी और पिच पर खेल रहे थे और भारतीय बल्लेबाज कहीं और।
इसका कारण है पिच को मैच से पहले नहीं समझ पाना और उसके मुताबिक टीम को नहीं चुनना। इसी कारण ऐसा देखने को मिल रहा है कि भारतीय टीम अपने ही घर में नहीं खेल पा रही है। भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स को नहीं खेल पा रहे हैं। विदेशी खिलाड़ी उसी पिच पर आकर शतक लगा रहे हैं। एक दशक पहले तक यह उल्टा था जहां भारतीय स्पिन खेलने में मास्टर्स थे और विदेशी खिलाड़ी यहां बुरा हश्र करवाकर जाते थे। इसी कारण टीम मैनेजमेंट को सोचना होगा और कोच गौतम गंभीर को भी अपनी रणनीतियों में बदलाव करना होगा।
