ट्रिस्टन स्टब्स को रविंद्र जडेजा ने 94 रन पर बोल्ड किया और साउथ अफ्रीका ने गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन मंगलवार (26 नवंबर) को 5 विकेट पर 260 रन बनाकर दूसरी पारी घोषित की। भारतीय टीम 549 रनों के लक्ष्य के जवाब में बल्लेबाजी के लिए उतरी। मार्को यानसेन ने यशस्वी जायसवाल को पहली गेंद शॉर्ट पिच फेंकी। गेंद जायसवाल के ग्लव्स पर लगी। अगली गेंद फिर शॉर्ट थी और इस पर जायसवाल ने अपर कट खेलने की कोशिश की। यानसेन ने शॉर्ट बॉल फेंकना जारी रखा। पांचवीं गेंद जायसवाल के ग्लव्स पर लगकर स्लिप में गई, लेकिन एडेन मार्कराम कैच नहीं ले पाए।
मार्को यानसेन के अगले ओवर की पहली गेंद पर जायसवाल ने चौका जड़ा। साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज ने फिर शॉर्ट बॉल फेंकी थी, लेकिन इस बार लाइन खराब थी। लेग स्टंप से बाहर की गेंद पर जायसवाल ने चौका जड़ा। यानसेन ने शॉर्ट बॉल फेंकना जारी रखा। आखिरी गेंद पर फिर लेग साइड पर 3 रन मिले। यानसेन के अगले ओवर की पहली गेंद पर जायसवाल ने स्लिप के ऊपर छक्का लगा दिया। अगली पांच गेंदों पर रन नहीं आया, जिनमें से तीन गेंदे शॉर्ट थीं।
यानसेन ने जायसवाल को आउट किया
यानसेन के अगले ओवर की पहली गेंद पर भारत को झटका लग गया। फिर यह गेंद शॉर्ट थी। जायसवाल ने कट खेलने का प्रयास किया और गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर काइल वेरिन के ग्लव्स में चली गई। वह 20 गेंद पर 13 रन बनाकर आउट हुए। हैरान करने वाली बात यह है कि यानसेन की 19 में से 19 गेंद यशस्वी खेले। इसे इत्तेफाक समझना भूल होगी। यह शायद यशस्वी जायसवाल का अहंकार था या फिर “गेम अवेयरनेस” की कमी।
यशस्वी जायसवाल की कमजोरी
गलती से सबक नहीं ले रहे यशस्वी जायसवाल
यशस्वी जायसवाल को शायद इस बात की चिंता नहीं थी कि यानसेन ने पहली पारी में 6 विकेट लिए, लेकिन उन्हें यह बात ध्यान रखनी चाहिए थी कि वह जिस गेंदबाज को खेल रहे हैं वह उन्हें दो बार आउट कर चुका है। वह भी कोलकाता की उस पिच पर जहां स्पिनरों का बोलबाला था। जायसवाल इस बात की ही फिक्र कर लेते तो काम चल जाता कि उन्हें साउथ अफ्रीका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों ने छह बार आउट किया है। यह सबकुछ छोड़कर वह कट शॉट खेलने से ही परहेज कर लेते, जिस पर वह इस घरेलू सत्र में तीसरी बार आउट हुए।
यशस्वी जायसवाल का संघर्ष
यशस्वी जायसवाल को क्या करना चाहिए था
यशस्वी जायसवाल को मार्को यानसेन से बचने के लिए बस छोटा सा काम करना था। उन्हें अंहकार और जिद छोड़कर यानसेन के खिलाफ सिंगल लेकर नॉन स्ट्राइक पर चले जाना था। उन्हें केएल राहुल को स्ट्राइक दे देना चाहिए था, जो तेज गेंदबाजी के काफी बेहतर खिलाड़ी हैं। ऐसा नहीं है कि यशस्वी जायसवाल अपनी इस कमी के बारे में नहीं जानते। इसके खिलाफ उन्होंने काम भी किया है। कोलकाता में मार्को यानसेन की गेंद पर दो बार आउट होने के बाद बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बाएं हाथ के थ्रोडाउन विशेषज्ञ के खिलाफ जमकर पसीना बहाया था। दूसरे मैच से दो दिन पहले उन्होंने इसे लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ लंबी बातचीत की, लेकिन जब जिद ही नहीं छोड़नी तो इतनी मेहनत का फायदा।
