अंडर-19 विश्व कप में जब शनिवार 24 जनवरी 2026 को भारत और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे तो मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच ही नहीं, बल्कि जड़ों और जर्सी के बीच की दिलचस्प कहानी भी होगा। कीवी ड्रेसिंग रूम में इस बार ऐसे दो युवा खिलाड़ी मौजूद हैं, जिनकी पारिवारिक जड़ें भारत से जुड़ी हैं। हालांकि, उनके सपनों ने आकार न्यूजीलैंड की धरती पर लिया। अब किस्मत ने उन्हें उस टीम के खिलाफ खड़ा कर दिया है, जिसे उनके माता-पिता कभी टीवी पर चीयर करते थे।
स्नेहित रेड्डी और आर्यन मान दोनों ही भारतीय मूल के हैं। बचपन में परिवारों के साथ भारत से दूर बस गए, लेकिन क्रिकेट उनके घरों से कभी दूर नहीं गया। पिता के साथ लोकल क्लब मैच, पार्क में प्रैक्टिस और टीवी पर देखे गए क्रिकेट हीरोज, इन्हीं के बीच उनके सपनों ने आकार लिया। आज वही बच्चे न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं और एक अहम मुकाबले में टीम इंडिया के सामने उतरने जा रहे हैं।
भारत में जन्मी कहानी, न्यूजीलैंड में पले सपने
यह कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि प्रवासी परिवारों के संघर्ष, पहचान और सपनों की भी है, जहां दिल के एक कोने में भारत बसता है, लेकिन मैदान पर वे पूरी शिद्दत से न्यूजीलैंड के लिए लड़ेंगे। आईसीसी U19 विश्व कप का यह मैच इसलिए और भी खास हो जाता है, क्योंकि उधर भी ‘अपने’ हैं। मान परिवार 2000 के दशक के आखिर में पटियाला से ऑकलैंड के एक उपनगर मनुरेवा में बस गया।
क्लब क्रिकेट से शुरू हुआ स्नेहित रेड्डी का सफर
स्नेहित रेड्डी का परिवार विजयवाड़ा छोड़कर हैमिल्टन चला गया, लेकिन क्रिकेट उनके साथ रहा। उन्होंने इसे अपने बच्चों को सिखाया। आठ साल की उम्र से, स्नेहित के पिता कृष्णा उसे आस-पास के शौकिया क्लब मैचों में ले जाते थे। स्नेहित को क्रिकेट पसंद आ गया।
कृष्णा ने न्यूजीलैंड हेराल्ड को बताया, ‘मैं कभी-कभी उसे अपने साथ प्रैक्टिस करवाता था, वह गेंद फेंकता था और मैं मारता था। वह नहीं चाहता था, वह कहता था कि वह बहुत छोटा है, लेकिन वह मेरे साथ आता रहा। इसी तरह उसे क्रिकेट में दिलचस्पी हुई और बहुत सारे स्पोर्ट्स आइडल हर समय हमारे कैफे में आते रहते हैं। उसने उन्हें देखना शुरू किया और उनसे प्रेरित होकर उनकी तरह बनना चाहा।’
स्नेहित रेड्डी ने हैमिल्टन स्कूल में दाखिला लिया। यह मिचेल सैंटनर और बीजे वाटलिंग जैसे कई दिग्गज कीवी क्रिकेटरों का पुराना स्कूल है। स्नेहित रेड्डी कोच क्रिस कुगेलेइन का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहे। क्रिस कुगेलेइन न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर हैं, जिनके कैच लेने से रिचर्ड हैडली को अपना 431वां विकेट मिला था। क्रिस कुगेलेइन क्रिकेटर स्कॉट कुगेलेइन के पिता हैं।
हैमिल्टन स्कूल में मिली टैलेंट को सही दिशा
कृष्णा ने बताया, ‘स्नेहित जब नौवीं क्लास में हैमिल्टन बॉयज हाईस्कूल गया तो हमें उस इलाके के एक जाने-माने क्रिकेट कोच क्रिस कुगेलेइन का फोन आया। उन्होंने उसे पहले खेलते हुए देखा था। क्रिस कुगेलेइन ने स्नेहित से कहा- तुम्हारा चयन फर्स्ट 11 क्रिकेट टीम में हो गया है। मैंने तुम्हारा टैलेंट देखा है और हम तुम्हें एक मौका देना चाहते हैं।’
कोच क्रिस कुगेलेइन ने पहचाना हुनर
क्रिस कुगेलेइन ने NZC की एक रील में कहा, ‘तब वह सिर्फ 13 साल का था, 15 साल की उम्र तक उसे एक सीरियस टैलेंट के तौर पर जाना जाने लगा था। वह एक मॉडर्न बैट्समैन है जो टेक्निकल बारीकियों को जबरदस्त हिटिंग के साथ मिलाता है। उसका पसंदीदा क्रिकेटर डेरिल मिचेल है।
क्रिस कुगेलेइन ने कहा, ‘वह ऐसा इंसान है जिसके साथ मैंने क्रिकेट के बारे में बात करते हुए बहुत समय बिताया है और उसने निश्चित रूप से मेरे गेम में बहुत मदद की है। वह ऐसा इंसान है जिसे मैं कभी भी कॉल करके अपने गेम या किसी भी चीज के बारे में सलाह ले सकता हूं।’
आर्यन मान: केन विलियमसन ने प्रेरित, रॉस टेलर की झलक
आर्यन मान के आइडल केन विलियमसन हैं। आर्यन मान ने कहा, ‘मुझे उनके बारे में सब कुछ पसंद है। मैं खुशकिस्मत था कि मुझे उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिला (नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के लिए)। उन्होंने मुझ पर बहुत गहरा असर डाला। वह बहुत जमीन से जुड़े हुए हैं और युवाओं की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
नंबर 8 पर ठोकी फिफ्टी
हालांकि, आर्यन मान का गेम केन विलियमसन से ज्यादा रॉस टेलर जैसा है। उनके पास पावरफुल स्वीप शॉट्स की एक पूरी रेंज है। इसके अलावा शानदार कवर-ड्राइव और जमीन पर शॉट लगाने का हुनर है। उन्होंने पहले ही अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू कर लिया है और कैंटरबरी के खिलाफ दोनों पारियों में नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए हाफ-सेंचुरी बनाई है।
कीवी टीम में और भी ‘देसी कनेक्शन’
आईसीसी U19 विश्व कप 2026 में हिस्सा लेने वाली न्यूजीलैंड टीम में भारतीय मूल के दो और क्रिकेटर सेल्विन संजय और जसकरन सिंह भी हैं। हालांकि दोनों का जन्म ऑकलैंड में हुआ था। जसकरन एक बड़े हिटर हैं, जबकि सेल्विन ऑफ-स्पिनर हैं।
