भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में से एक पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज जीतने में अहम रोल अदा किया। मेलबर्न में खेले गए सीरीज के तीसरे और निर्णायक मुकाबले में उन्होंने 114 गेंदों में नाबाद 87 रन बनाए। ‘मैन आफ द मैच’ लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (42 रन पर छह विकेट) की फिरकी के जादू से भारत ने आस्ट्रेलिया को 48.4 ओवर में 230 रन पर आउट कर दिया था। धोनी ने पहले कप्तान विराट कोहली के साथ 54 रनों की साझेदारी कर टीम को संकट से उबारा। फिर उन्होंने केदार जाधव (57 गेंदों में 61 रन) के साथ 121 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम इंडिया को जीत दिला दी। धोनी को तीनों वनडे मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।
मेलबर्न के मैदान पर धोनी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह अब भारत की ओर से वनडे में मैन ऑफ द सीरीज अवार्ड पाने वाले सबसे उम्रदराज क्रिकेटर हैं। उन्होंने 37 साल, 195 दिन की उम्र में यह कारनामा किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर (37 साल, 191 दिन) के नाम था, जो उन्होंने 1987 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। धोनी वनडे में अब तक 7 बार मैन ऑफ द सीरीज रहे हैं। भारत की ओर से सबसे ज्यादा बार मैन ऑफ द सीरीज चुने जाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है जिन्होंने 15 बार यह उपलब्धि हासिल की।
लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी अब तक 112 वनडे मैचों में जीत का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में उनसे आगे अब केवल सचिन तेंदुलकर रह गए हैं जो 127 सफल रन-चेज का हिस्सा बने। धोनी ने रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ा जिनका इस मामले में 111 वनडे का रिकॉर्ड है। एक वनडे सीरीज में लगातार तीन अर्द्धशतक लगाने का कारनामा धोनी ने अपने करिअर में तीसरी बार किया है। वह इससे पहले 2011 में इंग्लैंड और 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों में तीन फिफ्टी लगा चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने वनडे में भी जीत हासिल की। दोनों देशों के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 1-1 से बराबर रही थी। विराट कोहली की टीम ने इस तरह आस्ट्रेलिया में एक भी सीरीज नहीं गवाइ। ऐसा करने वाली वह पहली टीम बन गई है।

