IND vs AUS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच ब्रिस्बेन, गाबा में खेला जा रहा है। गाबा में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का बल्ला खूब चलता है और यहां पर वो रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। अब पंत ने विपरित परिस्थिति में जोखिम-भरे शॉट खेलने के बारे में खुलकर बात की। कमेंटेटर रवि शास्त्री से बातचीत के दौरान पंत ने बल्लेबाजी के दौरान अत्यधिक आक्रामक होने के कारण के बारे में बताया।

गाबा मैदान पर आती है पॉजिटिव फीलिंग

रवि शास्त्री से बात करते हुए पंत ने बताया कि गाबा में खेलते समय वो पॉजिटिव और आत्मविश्वास से भरे रहते हैं। उन्होंने बताया कि वो टीम की परिस्थिति के मुताबिक पॉजिटिव तरीके से खेलते हैं। पंत ने कहा कि जब मैंने गाबा के मैदान पर कदम रखा तो मुझे पॉजिटिव फीलिंग आई। ये आपको अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

पंत ने कहा कि मेरा काम टीम को कठिन परिस्थिति से बाहर लाने का होता है। कभी-कभी या ज्यादा कठिन होता है। पिछली बार जब भारत ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 के दौरान गाबा में ऑस्ट्रेलिया के साथ खेला था, तो पंत ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने मैच की दूसरी पारी में 138 गेंदों पर नाबाद 89 रन बनाए और भारत को शानदार जीत दिलाई। पंत को उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।

परिस्थिति के मुताबिक खेलता हूं अपरंपरागत शॉट

इस स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि स्थिति नाजुक होने पर भी आक्रामक शॉट खेलने के पीछे का क्या कारण है। पंत ने खुलासा किया कि वह ऐसे शॉट खेलने के लिए खुद का समर्थन करते हैं और परसेंटेज क्रिकेट खेलने पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मैं ऐसे (अपरंपरागत स्वीप और स्कूप) शॉट का अभ्यास नहीं करता क्योंकि यह गेंदबाजों के अनुसार एक गेम-प्लान है क्योंकि गेंद से सिर्फ बचना भी हमेशा आसान नहीं होता। मैं गेंदबाज के हिसाब से अपनी रणनीति बनाता हूं और फिर इस तरह से शॉट्स खेलता हूं जिससे की सामने वाला गेंदबाज दवाब में आ जाए।