जब भी भारत के सबसे सफल कप्तानों और अॉलराउंडर्स की बात होगी तो कपिल देव का नाम जरूर लिया जाएगा। आज 6 जनवरी को कपिल देव 58 साल के हो गए हैं। अपने 16 साल के करियर में कपिल देव ने 134 टेस्ट मैचों में 434 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने 8 सेंचुरी के साथ 5248 रन बनाए। उनकी ही कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 का वर्ल्ड कप जीता था। 25 जून को खेले गए इस मैच में कपिल देव ने शानदार प्रदर्शन किया था। एक समय टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड उनके ही नाम था। वह भारत के उन चार गेंदबाजों में से एक हैं, जिन्होंने इंटरनैशनल क्रिकेट में हैट्रिक ली है। आइए आपको बताते हैं कपिल देव की जिंदगी के वो 5 एेसे लम्हे जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में अमर हो गए।
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में खौफ
कपिल देव ने 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में अपना पहला टेस्ट खेला था। 19 साल के कपिल उस समय 145 की रफ्तार से गेंदबाजी किया करते थे। उनकी पहली ही गेंद पाक के सलामी बल्लेबाज माजिद खान के हेलमेट से टकराई। इस घटना के बाद से ही पाक बल्लेबाजों के मन में उनको लेकर खौफ भर गया। कपिल के अॉलराउंडर होने के सबूत भी जल्द मिल गए थे। उन्होंने पहले तीन टेस्ट मैचों में सात विकेट झटके थे। इसी सीरीज के कराची में खेले गए तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 33 गेंदों पर 2 छक्कों की मदद से भारत का सबसे तेज अर्धशतक लगाया। इस मैच में उन्होंने 48 गेंदों में 59 रन बनाए थे, जिसमें आठ चौके और दो छक्के जड़े थे।
दाऊद को भगाया ड्रेसिंग रूम से
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से भी कपिल देव की मुलाकात हो चुकी है। बात 1987 में शारजाह में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए ऑस्ट्रेलेशिया कप की है। उस दौरान मैच से पहले हिंदी फिल्मों के मशहूर कॉमेडियन महमूद एक शख्स के साथ ड्रेसिंग रूम में पहुंचे। उस समय दाऊद की उतनी पहचान नहीं थी। तब दाऊद एक नामी स्मगलर के रूप में जाना जाता था। महमूद ने दाऊद का परिचय कराते हुए टीम के सभी खिलाड़ियों से कहा कि ये उनके दोस्त हैं और बिजनेस करते हैं और ये टीम के खिलाड़ियों को एक ऑफर देना चाहते हैं। इसके बाद दाऊद ने कहा, ‘यदि कल वाले मैच में भारतीय टीम पाकिस्तान को हरा देती है तो टीम के सभी खिलाड़ियों को एक-एक टोयोटा कोरोला कार दूंगा।’ तभी कपिल देव ने महमूद को रूम से बाहर आने को कहा और दाऊद की ओर इशारा करके कहा कि ये कौन है, चल बाहर निकल।
175 रनों की वो शानदार पारी
अपने समय में कपिल सबसे खतरनाक अॉलराउंडर्स में से एक थे। वह जब भी बल्लेबाजी करने उतरते थे तो गेंदबाजों में खौफ पैदा हो जाता था। कपिल की बल्लेबाजी का सबसे शानदार नजारा भी 1983 विश्वकप में ही देखने को मिला था। एक अहम मुकाबले में जिम्बाव्वे के खिलाफ 17 रन पर भारत के पांच विकेट गिर गए थे। कपिल देव ने इस मैच में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। कपिल और सैय्यद किरमानी के साथ नौवें विकेट के लिए नाबाद 126 रनों की साझेदारी निभाई थी। इसके अलावा 1990 में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर फॉलोअॉन के खतरे को टालने की मुश्किल चुनौती से जूझ रही थी। तभी कपिल ने आखिरी चार गेंदों पर चार शानदार छक्के जड़े थे। इसी के साथ टीम इंडिया ने फॉलोऑन बचा लिया था। इस मैच में कपिल देव ने 75 गेंदों में बेहतरीन 77 रन की पारी खेली थी।
वर्ल्ड कप फाइनल का वो शानदार कैच
1983 के वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज का एक विकेट जल्द गिर गया था। तब मैदान में आए वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स। इसके बाद उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़नी शुरू की। इसके बाद कपिल ने गेंद मदन लाल को थमाई। मदन की गेंद पर रिचर्ड्स ने मिड अॉन की तरफ हिट किया। दर्शकों को लगा कि गेंद 6 रनों के लिए जाएगी। लेकिन कपिल देव ने दौड़ते हुए एक हाथ से शानदार कैच ली। कपिल के इस कैच से मैच का रुख ही बदल गया।
पत्नी को नहीं कर पाए थे प्रोपोज
कपिल देव ने साल 1980 में रोमी से शादी की थी। उनकी रोमी से मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। वे रोमी को एक साल तक प्रपोज नहीं कर पाए थे। बाद में दोस्तों के साथ एक ट्रिप पर कपिल ने रोमी को प्रपोज किया। एक इंटरव्यू में रोमी ने कहा था, कपिल तब बहुत शर्मीले थे। उनका आत्मविश्वास जैसा आज है, वैसा उस समय नहीं था।
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