वनडे वर्ल्ड कप 2023 अब नजदीक है और राहुल द्रविड़ जिस तरह का प्रयोग कर रहे हैं उसके बाद उनकी नीति की कड़ी आलोचना की जा रही है। अपने बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने की वजह से द्रविड़ ने कई बार अपनी योजना में बदलाव करते पहले भी देखे गए हैं और भारत-वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के दौरान भी ऐसा देखने को मिला। उनके इस अप्रोच की वजह से वर्ल्ड कप के दो महीने पहले यह पता नहीं लग रहा है कि टीम इंडिया का संयोजन क्या होने वाला है।

कोहली और रोहित को देना था आराम

भारतीय टीम के बारे में बात करते हुए टीम इंडिया के पूर्व चयनकर्ता ने टीओआई के साथ बात करते हुए कहा कि भारतीय चयनकर्ता भारत-वेस्टइंडीज सीरीज का उपयोग करने में विफल रहे। राहुल द्रविड़ ने हाशिए पर आए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए दूसरे वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली को आराम दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर यह सब टेस्ट करने के बारे में था तो रोहित और कोहली पूरी तरह से कैरेबियाई दौरे पर नहीं जाते।

उन्होंने कहा कि अगर आप वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में युवा टीम को खिलाना चाहते थे तो रोहित और विराट को इसके लिए नहीं चुना जाना चाहिए था। वेस्टइंडीज वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई भी नहीं कर पाया है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रोहित और विराट इस सीरीज में खेलते हैं या नहीं। यह सीरीज पूरी तरह से अप्रासंगिक है और इसके लिए चयनकर्ताओं को पूरी तरह से एक युवा टीम भेजने के बारे में सोचना चाहिए था ताकि देखा जा सकते कि वह खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट के दवाब का कैसे सामना करते हैं। वहीं एक युवा कप्तान की पहचान करने का भी यह बिल्कुल सही समय था।

भारतीय धरती पर उपयोगी होंगे धवन

उन्होंने आगे कहा कि सफेद गेंद के क्रिकेट में आप शिखर धवन के रिकॉर्ड को देखें। वह वनडे में हमेशा उपयोगी रहेंगे खास तौर पर भारतीय धरती पर। आईसीसी टूर्नामेंटों में उनके अनुभव और शानदार रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय चयन समिति में मेरे कार्यकाल के दौरान, हमने हमेशा सफेद गेंद वाले क्रिकेट में एक बैकअप ओपनर के रूप में धवन का समर्थन किया और यही कारण है कि हमने उनसे 2021 में श्रीलंका में भी भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए कहा था।