World Cup flashback: 30 मई से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होने जा रहे क्रिकेट विश्वकप के लिए हर कोई उत्साहित है। ऐसे में जनसत्ता आपके लिए किस्सा वर्ल्डकप का नाम की सीरीज लाया है। इस सीरीज में हम आपको विश्वकप से जुड़ी कुछ रोचक कहानियों से अवगत कराएंगे। किस्सा विश्वकप में आज हम बात करेंगे भारतीय और इंग्लैंड के बीच 2003 विश्वकप में खेले गए रोमांचक मुकाबले की। इस मुकाबले ने भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का करियर सवार दिया। इस मैच में नेहरा ने छह विकेट लिए थे और भारत को शानदार जीत दिलाई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं इस मैच से ठीक एक रात पहले नेहरा चलने की हालत में नहीं थे?

जी हां! इस मैच से पहले नामीबिया के खिलाफ खेले गए मैच में नेहरा ने सिर्फ एक गेंद डाली थी। उस मैच में नेहरा का टखना मुड़ जाने के कारण सूज गया था और वे बुरी तरह चोटिल हो गए थे। इसके बाद नेहरा ने उस मैच में एक भी गेंद नहीं डाल। इंग्लैंड के खिलाफ टीम के कप्तान सौरव गांगुली को नेहरा जैसे तेज गेंदबाज की जरूरत थी। उस समय नेहरा 150 की स्पीड से गेंद डाल रहे थे। दादा ने नेहरा से पूछा क्या तुम इंग्लैंड के खिलाफ कल खेल पाओगे। इसपर नेहरा ने कहा हां में खेलूंगा। लेकिन नेहरा का टखना सूजा हुआ था और वे खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। इसपर दादा ने कहा कैसे खेलोगे? नेहरा ने कहा आप बस टीम फिजियो को मेरे पास भेज दो और उसे सिर्फ मेरे पास रहने दो। नेहरा टीम के सबसे ज़िद्दी खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने रात भर अपने टखने की बर्फ से सिकाई की और अगले दिन 150 की रफ़्तार से साथ मैदान में उतरे।

26 फरवरी 2003 को डरबन में खेले गए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने भारत को अच्छी शुरुआत दी। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। वीरेंद्र सहवाग 23 रन बनाए। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 50 रनों की पारी खेली। मध्यक्रम में राहुल द्रविड़ (62) और युवराज सिंह की (42) रनों की पारियों के चलते भारत ने 9 विकेट पर 250 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने नेहरा की कहर बरपाती तेज गेंदबाजी के सामने घुटने टेक दिए और 45.3 ओवर्स में 168 रनों पर ढेर हो गई। भारतीय टीम ने इस मैच में 82 रनों से जीत दर्ज की। वहीं नेहरा ने इस मैच में 10 ओवर में 23 रन देकर 6 विकेट झटके।