आईपीएल सीजन-11 की शुरुआत 7 अप्रैल से होने जा रही है। इसे लेकर सभी टीमों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंडियन प्रीमियर लीग-2018 में फ्रेंचाइजियों ने खिलाड़ियों को जरूर अपने साथ जोड़ लिया, लेकिन अब भी उनके खेलने पर संशय बना हुआ है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर को मद्देनजर रखते हुए यो-यो टेस्ट को अब टीमों ने आईपीएल में भी लागू कर दिया है, जिसके चलते कुछ खिलाड़ियों पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई इंडियंस ने अपने खिलाड़ियों का सबसे पहले यो-यो टेस्ट लिया था, जिसमें पांचों लेवल को पार करने के लिए 14.5 सेकंड दिए गए। मुंबई के बाद किंग्स इलेवन पंजाब, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी इसे लागू किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीमें भी इसे फॉलो करने का मन बना चुकी हैं। इसके चलते इन खिलाड़ियों पर मैच से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है…
चेन्नई सुपर किंग्स: हरभजन सिंह, मिचेल सैंटनर, शेन वॉट्सन
दिल्ली डेयरडेविल्स: मनजोत कालरा, अमित मिश्रा, क्रिस मॉरिस, नमन ओझा
किंग्स इलेवन पंजाब: आरोन फिंच, मार्क्स स्टोइनिस, रॉबिन उथप्पा
मुंबई इंडियंस: इविन लुइस, मुस्तफिजुर्र रहमान, अंकुल रॉय, प्रज्ञान ओझा
कोलकाता नाइट राइडर्स: पीयूष चावला, मिचेल जॉनसन
राजस्थान रॉयल्स: स्टुअर्ट बिन्नी, जोस बटलर, संजू सैमसन
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: मोईन अली, क्विंटन डी कॉक, पार्थिव पटेल, क्रिस वोक्स
सनराइजर्स हैदराबाद: बेसिल थंपी, दीपक हुडा, यूसुफ पठान, ऋद्धिमान साहा
क्या है यो-यो टेस्ट: खिलाड़ियों की फिटनेस परखने के लिए यो-यो टेस्ट ‘बीप’ टेस्ट का एडवांस वर्जन है। 20-20 मीटर की दूरी पर दो लाइनें बनाकर कोन रख दिए जाते हैं। एक छोर की लाइन पर खिलाड़ी का पैर पीछे की ओर होता है और दूसरी तरफ वह दौड़ना शुरू करता है। हर मिनट के बाद गति और बढ़ानी होती है और अगर खिलाड़ी वक्त पर लाइन तक नहीं पहुंच पाता तो उसे दो बीप्स के भीतर लाइन तक पहुंचना होता है। अगर वह ऐसा करने में नाकाम होता है तो उसे फेल माना जाता है। इस टेस्ट को पास करने के लिए 16.1 स्कोर करना जरूरी होता है। इस दौरान बीच-बीच में 10-10 सेकंड का ब्रेक मिलता है।



