कोलकाता नाइटराइडर्स को हराने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की टीम भी आईपीएल के 11 वें सीजन के फाइनल में पहुंच गई। अब हैदराबाद का मुकाबला महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा। यह छठी बार संयोग है कि आईपीएल के फाइनल में तालिका में शीर्ष दो स्थान बनाने वाली टीमें भिड़ेंगी।
दरअसल आईपीएल के पांचवे संस्करण यानी 2011 में प्ले ऑफ फार्मूला लागू किया गया। जिसके तहत सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाली टीमों की सूची में शुरुआती चार टीमों के फाइनल में पहुंचने के बराबर मौके होते हैं। फाइनल में पहुंचने के लिए कुल तीन मुकाबले होते हैं। पहले मुकाबले को क्वालीफायर वन कहा जाता है, जिसमें शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच भिड़ंत होती है। क्वालीफायर वन मे जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है। वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम के बीच इलिमिनेटर मुकाबला होता है। इसमें जीतने वाली टीम को क्वालीफायर वन मुकाबला हारने वाली टीम से खेलना होता है। क्वालीफायर टू जीतने वाली टीम क्वालीफायर वन जीतने वाली टीम से फाइनल खेलती है।
आईपीएल के इतिहास में यह छठी बार संयोग बना है कि जब शीर्ष दो स्थान पर रहने वालीं टीमें फाइनल में भी आपस में भिड़ीं। रिकॉर्ड की बात करें तो 2011 में आरसीबी और चेन्नई सुपरकिंग्स, 2013 में चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियन्स, 2014 में किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइटराइडर्स, 2015 में चेन्नई सुपरकिंग्स और मुंबई इंडियन्स, 2017 में मुंबई इंडियन्स और आरपीएस की टीमों के बीच खिताबी भिड़ंत हुई। अब एक बार फिर 2018 में आईपीएल की शीर्ष दो टीमों के बीच भिड़ंत होने जा रहीं हैं। ये टीमें हैं सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स।

