Former Hong Kong skipper, Anshuman Rath: लोगों के दिल में भारत में क्रिकेट से प्रेम दूसरे खेलों की तुलना में कई ज्यादा है। यहां खेलने वाला हर क्रिकेटर भारत के लिए खेलकर अपने सपने को साकार करने की कोशिश में लगा रहता है। भारतीय मूल के युवा क्रिकेटर अंशुमन रथ भी अब भारत के लिए खेलना चाहते हैं। भारत में रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने हॉन्गकॉन्ग की कप्तानी तक छोड़ दी है। अंशुमन रथ को विदर्भ की टीम में स्‍थानीय खिलाड़ी के तौर पर शामिल कर लिया गया है। अंशुमन के माता-पिता मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। हॉन्ग कॉन्ग में प्रफेशनल क्रिकेटर बनना अंशुमन के लिए आसान नहीं था। अंशुमन का लगाव बचपन से ही क्रिकेट की ओर था। साल 2003 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम को खेलता देख पहली बार अंशुमन के मन में क्रिकेटर बनने की इच्छा जागी थी।

साल 2018 में दुबई में खेले गए एशिया कप में भारत के खिलाफ अंशुमन की बल्लेबाजी काबिले तारीफ थी। अंशुमन की बल्लेबाजी को देख एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत यह मैच गंवा बैठेगी। अंशुमन ने पहले विकेट के लिए 174 रन की साझेदारी कर सभी को हैरान कर दिया था। हालांकि, कड़े संर्घषो के बाद भारत ने जीत हासिल कर हॉन्गकॉन्ग को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक रणजी में विदर्भ की ओर से खेलने के लिए अंशुमन रथ ने पूरी तैयारी कर ली है।

अंशुमन रहने के लिए नागपुर में किराये का घर ले लिया है। अंशुमन के पास प्रतिभा और अनुभव दोनों हैं। वह रणजी में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम की ओर से खेलने का अपना सपना साकार करना चाहेंगे। हॉन्गकॉन्ग के लिए 18 मैचों में 52 के औसत से रन बनाने वाले अंशुमन की कोशिश विदर्भ के लिए भी इस तरह के प्रदर्शन को दोहराने की होगी।

ग्लोबल टी-20 लीग में अंशुमन एडमंटन रॉयल टीम के लिए खेल चुके हैं। पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज मोहम्मद हफीज की अगुआई वाली इस टीम में अंशुमन को सीखने के लिए काफी कुछ मिला था। हाल ही में विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के एनअुल टी-20 टूर्नामेंट में भी अंशुमन ने अच्छी बल्लेबाजी की थी।