सलामी बल्लेबाज लिटन दास (121) की बेहतरीन शतकीय पारी के बावजूद भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के चलते बांग्लादेश की टीम शुक्रवार को दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडिमय में खेले जा रहे एशिया कप-2018 के फाइनल में बड़ा स्कोर बनाने से महरूम रह गई। बांग्लादेशी टीम अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी और 48.3 ओवरों में 222 रनों पर ढेर हो गई। लिटन के अलावा बांग्लादेश का कोई और बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सका। टीम का मध्यक्रम पूरी तरह से ढह गया और इसी कारण टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।
बांग्लादेश की टीम में लिटन दास, मेहदी हसन और सौम्य सरकार के अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। लिटन दास (121), मेहदी हसन (32) और सौम्य सरकार (33) रन अपनी टीम के लिए जोड़ पाए। उनके अलावा इमरुल कायस (2), मुश्फिकर रहीम (5), मोहम्मद मिथुन (2), महमूदुल्ला (4), मशरफे मुर्तजा (7), नजमुल इस्लाम (7), मुस्तफिजुर रहमान (2), रूबेल हसन (0) पर ही चलते बने।
बांग्लादेश को बड़े स्कोर तक जाने से रोकने में भारत के पार्ट टाइम स्पिनर केदार जाधव का भी अहम योगदान रहा। जाधव ने अहम समय पर भारत को विकेट दिलाए। कुलदीप यादव ने तीन विकेट अपने नाम किए और बांग्लादेश के मध्यक्रम को खत्म किया। बांग्लादेश के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। जाधव ने ही लिटन दास और मेहंदी हसन मिराज (32) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 120 रनों की साझेदारी को 21वें ओवर की पांचवीं गेंद पर तोड़ा। उन्होंने मिराज को अंबाती रायडू के हाथों कैच कराया।
आठ रन बाद लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने इमरुल कायेस (2) को पवेलियन भेज भारत को दूसरी सफलता दिलाई। विकेटकीपर-बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम (5) भारतीय टीम के लिए खतरा हो सकते थे, लेकिन जाधव की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह जसप्रीत बुमराह के हाथों लपके गए। पिछले मैच में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले मोहम्मद मिथुन (2) गलतफहमी का शिकार होकर रन आउट हो गए। कुलदीप ने महमुदुल्ला के रूप में एक और खतरे को अपनी फिरकी में फंसा बुमराह के हाथों कैच करा बांग्लादेशी मध्यक्रम की कमर तोड़ दी।
इस बीच दास एक छोर पर डटे रहे लगातार रन बनाते रहे। उन्होंने 29वें ओवर की चौथी गेंद पर एक रन लेकर अपने वनडे करियर का पहला शतक पूरा किया। विकेट के पीछे अपनी फुर्ती के लिए मशहूर महेंद्र सिंह धोनी ने लिटन को 41वें ओवर की आखिरी गेंद पर बड़ी चतुराई से कुलदीप की गेंद पर स्टम्प कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने अपनी पारी में 117 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौकों के अलावा दो छक्के भी लगाए। इसके बाद सिर्फ सौम्य सरकार ने ही थोड़ा संघर्ष दिखाया। उन्होंने 33 रनों का योगदान दिया। सरकार 222 के कुल स्कोर पर टीम के नौवें विकेट के तौर पर रन आउट हुए। बुमराह ने रुबेल हुसैन को बोल्ड कर अपना खाता खोला और बांग्लादेश की पारी का अंत किया।
