क्रिकेट के मैदान पर यूं तो हर मुकाबला अहम होता है लेकिन जब बात भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज की होती है तो ये कई मायनों में बेहद अहम हो जाता है। क्रिकेट जगत की इन दो दिग्गज टीमों ने इस खेल की प्रासंगिकता और लोकप्रियता दोनों ही को बहुत निखारा है और जब आपस में भिड़ी हैं तो कई यादगार और ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिले हैं। ऐसे में एक बार फिर टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है जहां 6 दिसंबर से दोनों के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। इस ऐतिहासिक मुकाबले से पहले आइए आपको बताते हैं टीम इंडिया के पिछले 5 दौरों के बारें में जब ये दोनों टीमें आपस में भिड़ीं ……

1999 का वो निराशाजनक दौराः ये बात आज से करीब दो दशक पुरानी है जब क्रिकेट जगत में कंगारुओं का सिक्का चला करता था। वहीं भारत अपनी धाक जमाने की ओर अग्रसर था, इसी बीच टीम इंडिया सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी, जहां उसे तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 की शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

2003-04 का वो दौरा जब बदले अंदाज में नजर आई टीम इंडियाः कहते हैं खेल के मैदान पर आप हर रोज कुछ न कुछ नया गढ़ रहे होते हैं फिर तो टीम इंडिया के पास 4 साल का वक्त था जब वो दोबारा ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई और इस सीरीज में भारत भले ही ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सीरीज जीतने में नाकाम रहा हो लेकिन उसने मेजबान देश के छक्के छुड़ा दिए थे। इसी सीरीज में द्रविड़ ने 619 रन बनाए थे। वहीं सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली सूची में भी कुंबले और अगकर का नाम शीर्ष पर था। हालांकि आखिरी टेस्ट में स्टीव वॉ की ऐतिहासिक पारी ने भारत को ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली टेस्ट सीरीज जीतने के मौके को रोक दिया था।

विवादों से भरा वो 2007-08 का दौराः ऑस्ट्रेलिया हमेशा अपने आक्रामक रवैये के कारण जानी जाती है लेकिन 2007 के दौरे में इस टीम ने सारी हदें पार कर दी। इस सीरीज में मेलबर्न में 337 रनों से हार के बाद 1-0 से पीछे चल रही टीम इंडिया दूसरे मुकाबले में मैदान पर थी, जब टीम इंडिया मजबूत स्थिति में थी और इशांत शर्मा की गेंद साइमंड्स के बल्ले से लगकर विकेटकीपर के ग्लब्स तक पहुंच गई थी लेकिन स्टीव बकनर के कानों में इसकी आवाज नहीं गई थी। इसी मुकाबले में हरभजन और साइमंड्स के बीच मंकीगेट कांड भी हुआ। इसी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों को बार-बार अंपायर के गलत फैसले का शिकार होना पड़ा जो आज भी हर भारतीय फैंस को याद है।

2011 में फिर टीम इंडिया ने किया निराशः भारत ने 2011 में ही वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर उसे निराशा ही हाथ लगी थी। वहीं द वॉल के नाम से मशहूर ये खिलाड़ी सीरीज में सिर्फ 194 रन बना सका और 8 मौकों में से 6 बार उनके पीछे स्टंप की गिल्लियां बिखर गईं। इसी के बाद उन्होंने समझ लिया कि अब बल्ले के खेल से उनकी विदाई का वक्त आ गया है। वहीं इस मुकाबले में भारत को एक बार फिर शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।

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2014-15 का दौरा और यंग विराट को जलवाः इस सीरीज में भी भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन ये दौरा भारत के लिए काफी अहम था। विराट कोहली के हाथों में कप्तानी का दारोमदार था और इस खिलाड़ी ने 4 टेस्ट मैचों में 692 रन और 4 शतक बनाए। विराट कोहली ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए जिसने कप्तान बनने के बाद अपनी शुरू की तीन लगातार पारियों में सेंचुरी लगाई।
अब एक बार फिर टीम इंडिया कप्तान कोहली के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है जहां 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। ऐसे में भारत के पास एक सुनहरा मौका है जब वो ऑस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज में मात देकर इतिहास रच सकती है और इन पुराने आंकड़ों को बदल सकती है। देखना होगा कि आखिर टीम का किस तरह का प्रदर्शन होता है।