इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भारत दौरा एक बार फिर टाल दिया गया है। वह दिसंबर में भारत आने वाले थे, लेकिन दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी यात्रा को आगे के लिए पोस्टपोन कर दिया गया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री आखिरी बार 14 जनवरी 2018 को भारत आए थे। इस दौरे को ऐतिहासिक माना गया था। इससे लगभग छह महीने पहले, 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इजरायल का ऐतिहासिक दौरा किया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंध नई दिशा में आगे बढ़े।
कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी तीन दिन की इजरायल की द्विपक्षीय यात्रा से वापस लौटे हैं। उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नेतन्याहू से हुई थी। इस दौरान दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की शर्तों पर सहमति जताई और आर्थिक, रणनीतिक, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अब जब पीएम नेतन्याहू भारत दौरे पर आएंगे तब रिश्ते और मजबूत होने की संभावना है।
अगर दिल्ली धमाकों की बात करें तो 10 नवंबर को लाल किले के पास एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस आतंकी घटना के बाद कई गिरफ्तारियां हुईं। हमले के मास्टरमाइंड उमर नबी की तरफ से भी कई खुलासे किए गए और एक बड़ा टेरर मॉड्यूल सामने आया। दिल्ली धमाके के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी भी विवादों में आ गई है।
जांच एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को भी गिरफ्तर किया है। इसके ऊपर चर्चा चल रही है कि यूनिवर्सिटी की नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा मान्यता समाप्त की जा सकती है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने इसकी मेंबरशिप पहले ही सस्पेंड कर दी है। तर्क दिया गया है कि यहां आवश्यक शैक्षणिक मानक पूरे नहीं हो रहे।
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