प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के चौथे दिन शुक्रवार को वॉशिंगटन के रोनाल्ड रीगन सेंटर में अमेरिका में अप्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है। जो भी देश भारत के संपर्क में आएगा उसे फायदा होगा। भारत की सफलता की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति भारतीयों की आकांक्षा है। यह अमेरिकी सपने से बहुत अलग नहीं है। आज भारत की जीडीपी में निजी उपभोग की हिस्सेदारी पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा है। कारोबार करने में आसानी हमारी सरकार का वादा है। जब भी भारत मजबूत हुआ है, पूरी दुनिया को फायदा हुआ है।
अमेरिका में अरबों डॉलर निवेश कर रहे भारतीय उद्योगपति
भारत की कंपनियां भी अमेरिका में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं। भारत की कंपनियां ग्लोबल बन रही हैं। इस सभी का फायदा अमेरिका के युवा और किसानों को हो रहा है। भारत और अमेरिका की ये साझेदारी दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों के हित में है।
अमेरिका में भारत के लिए जबरदस्त समर्थन
भारत-अमेरिका डिफेंस पार्टनरशिप एक हर स्टेट के लोगों के साथ विशिष्ठ प्रकार का नाता बना रहा है। एरिजोना में बनने वाले अपाचे हेलीकॉप्टर, जॉर्जिया के C30s के सुपर हरकुलिस व अन्य भारत के साथ ही अमेरिका के डिफेंस और एयरों सेक्टर को मज़बूती दे रहे हैं। इस साझेदारी की नींव अमेरिका और भारत के नागरिक हैं। इस साझेदारी की एक और खास बात है, पार्टी लाइन के पार, अमेरिका में भारत के लिए जबरदस्त समर्थन है। राष्ट्रपति बाइडेन की दीर्घदृष्टि के लिए पूरा सदन बधाई दे रहा था।
विमानन सेक्टर में डिमांड लगातार बढ़ रही है। इस मांग की पूर्ति के लिए भारत की एयरलाइंस कंपनियां सैंकड़ों एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दे रही हैं, इसका लाभ अमेरिका की कंपनियों को भी हो रहा है। डिफेंस सेक्टर में भारत और अमेरिका की पार्टनरशिप को मेरे इस दौरे में एक नई ऊंचाई मिली है। पिछले 2-2.5 साल में ही अमेरिकी कंपनियों ने 16 बिलियन डॉलर से ज्यादा भारत में निवेश किया है।
भारत और अमेरिका की सरकारों ने आपके लिए ग्राउंड वर्क कर दिया है। इसमें जो ज़रूरी होगा वह हम आगे भी करते रहेंगे लेकिन अब इस ग्राउंड पर खुलकर खेलने और खिलने की ज़िम्मेदारी आपकी है और जो खेलेगा वही खिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।
