पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (4 नवंबर, 2019) को सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतापुर कॉरिडोर खुलने पर उनके सम्मान में एक पंजाबी गाने का वीडियो रिलीज किया। वीडियो फुटेज में खालिस्तानी अलगाववादी नेता जनरैल सिंह भिंडरवाला, मेजर जनरल शाबेग सिंह और अमरकी सिंह खालसा के पोस्टर नजर आने पर ये खासा सुर्खियों में बना हुआ है। बता दें कि जून 1984 में स्वर्ण मंदिर को अलगावदियों से मुक्त कराने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था जिसमें ये तीनों में मारे गए थे।
वीडियो में अकाल तख्त की फुटेज भी दिखाई गई है जो स्वर्ण मंदिर परिसर में है। वीडियो के शुरुआत में कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू भी नजर आते हैं। गाने में पाकिस्तान के कई गुरुद्वारों में जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों की क्लिप दिखाई गई है। वीडियो में गुरुद्वारा जनम अस्थान, ननकाना साहिब और गुरु नानक जन्मस्थली की विशेषता दिखाई दे रही है।
Official Song of Kartarpur Corridor Opening Ceremony.
(1/3) #PakistanKartarpurSpirit #KartarpurCorridor pic.twitter.com/TZTzAQMUcw— Government of Pakistan (@GovtofPakistan) November 4, 2019
बता दें कि वीडियो फुटेज में आपत्तिजनक पोस्टर्स ऐसे समय में सामने आए हैं जब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि करतारपुर गलियारा खोलने की 70 साल पुरानी मांग अचानक स्वीकार करने के पीछे पाकिस्तान की मंशा धार्मिक भावनाओं का दोहन कर सिख समुदाय में दरार डालने की है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के कदम ने ‘गुप्त मंशा का संकेत’ दिया है और पड़ोसी मुल्क की किसी भी नापाक मंशा को रोकने के लिए पंजाब पूरी तरह चौकन्ना है।
कैप्टन ने कहा, ‘सिख समुदाय पवित्र करतारपुर गुरुद्वारे तक जाने वाले रास्ते को खोलने की मांग पिछले 70 साल से करता आ रहा था, लेकिन पाकिस्तान का इस मांग को अचानक स्वीकार करना इसके पीछे उनकी गुप्त मंशा का संकेत देता है, जिसका लक्ष्य सिखों की धार्मिक भावनाओं का दोहन कर उनके बीच दरार पैदा करना है।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हालांकि, हम उम्मीद नहीं करते कि गलियारे के माध्यम से पाकिस्तान किसी प्रकार की शरारत करने की हिमाकत करेगा लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब हमेशा चौकन्ना रहे।’
उन्होंने कहा कि राज्य स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और पूरी तरह सावधान है। मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर बरसते हुए आरोप लगाया कि यह ‘बादल परिवार हाथों में खेल रही है’ और ऐतिहासिक 550 वें प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी सरकार की ओर से आयोजित किये जाने वाले समारोह का समर्थन करने से मना कर दिया। (भाषा इनपुट)

