Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की खुलेआम मांग करते हुए कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लंबे शासन को खत्म करने का समय आ गया है। यह पहली बार है जब ट्रंप ने सीधे खामेनेई शासन के अंत का जिक्र अपने बयान में किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पॉलिटिको से इंटरव्यू में कहा, ‘ईरान में नई लीडरशिप को ढूंढने का वक्त आ गया है।’ ट्रंप ने तर्क दिया कि ईरान का नेतृत्व देश चलाने के लिए दमन और हिंसा पर निर्भर है। उन्होंने खामेनेई पर देश को पूरी तरह से नष्ट करने और अभूतपूर्व स्तर की हिंसा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
देश को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए- ट्रंप
ट्रंप ने कहा, “देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए भले ही वह काम बहुत निचले लेवल का हो, नेतृत्व को अपने देश को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए, जैसा कि मैं अमेरिका के साथ करता हूं, न कि सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हजारों लोगों को मारने पर।” उन्होंने आगे कहा, “नेतृत्व सम्मान के बारे में है, न कि भय और मृत्यु के बारे में।” खामेनेई को बीमार आदमी बताते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेतृत्व के कारण ही यह रहने के लिए सबसे खराब जगह है।
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खामेनेई ने क्या कहा था?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर ईरान में हुई मौतों और अशांति के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने राजद्रोहियों को मैसेज भेजा कि वे उनका समर्थन करेंगे और सैन्य मदद देंगे। दूसरे शब्दों में, अमेरिकी राष्ट्रपति खुद राजद्रोह में शामिल थे। ये आपराधिक कृत्य हैं। खामेनेई ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “ईरानी राष्ट्र पर हुए हमलों, नुकसान और मानहानि के लिए हम अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी पाते हैं।” एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने ट्रंप पर हिंसक समूहों को ईरानी जनता के प्रतिनिधि के रूप में गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।
ईरान में कितने लोग मारे गए?
आर्थिक परिस्थितियों को लेकर 28 दिसंबर को ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, लेकिन बाद में ये सर्वोच्च नेता के शासन को खत्म करने की व्यापक मांगों में तब्दील हो गए। ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनों को दंगे करार दिया है और कहा है कि इन्हें विदेशी दुश्मनों ने उकसाया था। ईरान में लगभग पूरी तरह से इंटरनेट ठप होने के कारण मरने वालों की सही संख्या अभी तक साफ नहीं हो पाई है। अमेरिका स्थित ईरानी एचआरएएनए का कहना है कि कम से कम 3090 लोग मारे गए हैं। कुछ एक्टिवस्ट ग्रुपों का मानना है कि संख्या इससे कहीं ज्यादा है।
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