ईरान ने कहा है कि वह इजरायल या अमेरिका के साथ युद्ध नहीं चाहता है लेकिन अगर उस पर फिर से हमला किया गया तो वह जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार है। बेरुत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को पत्रकारों से यह बात कही।
अराघची ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए भी तैयार है, बशर्ते कि बातचीत वाशिंगटन के दबाव के बजाय आपसी सम्मान पर आधारित हो।
अराघची ने ये बयान ऐसे वक्त में दिया है जब कई लोगों को आशंका है कि अमेरिका का करीबी सहयोगी इजरायल एक बार फिर ईरान को निशाना बना सकता है। जैसा कि उसने पिछले साल जून में किया था।
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इजरायल ने कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों को मार डाला था और अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी।
लेबनान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे अराघची ने कहा, “अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अपने हमले का परीक्षण किया है और यह हमला और रणनीति पूरी तरह से फेल रही। अगर वे इसे दोहराते हैं तो उन्हें फिर वही नतीजा मिलेगा।”
अराघची ने कहा, “हम किसी भी विकल्प के लिए तैयार हैं। हम युद्ध नहीं चाहते लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।”
विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा ईरान
आर्थिक संकट के कारण ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए हैं। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 38 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विरोध प्रदर्शनों से ईरान की सरकार और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर दबाव बढ़ गया है। अब तक, अधिकारियों ने इंटरनेट बंद नहीं किया है और न ही सड़कों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है, जैसा कि उन्होंने 2022 के महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया था।
