अमेरिकी सीनेटर का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस और नवारो भारत के साथ व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने भारत के साथ व्यापार समझौते का विरोध करने के लिए व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोषी ठहराया है। अमेरिकी मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनर्स के साथ निजी बैठकों के दौरान क्रूज ने उन्हें भारत के साथ व्यापार समझौते को स्वीकार करने के लिए व्हाइट हाउस से संघर्ष के बारे में बताया। एक्सियोस ने एक रिपब्लिकन सूत्र द्वारा उपलब्ध कराई गई उनकी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जब एक डोनर ने पूछा कि प्रशासन में ऐसे समझौतों तक पहुंचने का विरोध कौन कर रहा है तो सीनेटर क्रूज ने व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार पीटर नवारो, वेंस और कभी-कभी ट्रंप का उल्लेख किया। यह जानकारी लगभग 10 मिनट की एक रिकॉर्डिंग के हवाले से दी गई है, जो 2025 की शुरुआत और साल के मध्य के दौरान की है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकी है।
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अमेरिकी सीनेटर की चेतावनी- ट्रंप के टैरिफ अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकते
टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने यह भी चेतावनी दी कि ट्रंप के टैरिफ अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकते हैं और उनके महाभियोग का कारण बन सकते हैं। क्रूज ने कहा कि ट्रंप द्वारा अप्रैल 2025 की शुरुआत में टैरिफ लागू करने के बाद उन्होंने और कुछ अन्य सीनेटरों ने राष्ट्रपति से फोन पर बात की और उनसे इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आधी रात के बाद तक चली लंबी बातचीत अच्छी नहीं रही, इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप चिल्ला रहे थे और कोस रहे थे।
भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में भारी गिरावट आई, जिसमें रूसी तेल खरीद पर 25 प्रतिशत की पेनल्टी भी शामिल है। पिछले साल दोनों पक्षों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बातचीत की। हालांकि, भारत के कृषि और डेरी क्षेत्रों को खोलने की वाशिंगटन की मांगों के कारण यह समझौता अभी तक अंतिम रूप नहीं ले सका है।
इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड ने दावा किया कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया था। हालांकि, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के भारत दौरे के बाद से दोनों देशों के संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा अमेरिकी कांग्रेस के तीन सदस्यीय द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।
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(भाषा के इनपुट के साथ)
