बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच, सिलहट जिले में एक हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर पर आग लगा दी गई। हिंदू शिक्षक के घर पर आग लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में घर से आग की लपटें उठती दिख रही हैं।
बांग्लादेश के स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया गया है कि हमले की यह घटना सिलहट जिले के गोवाईघाट उपज़िला के नंदीरगांव संघ के बहोर गांव में हुई।
सुरक्षा को लेकर चिंतित हिंदू परिवार
इस घटना से हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों में दहशत फैल गई है। बीरेंद्र कुमार डे को ‘झुन्नू सर’ के नाम से जाना जाता था हालांकि इस घटना में किसी शख्स के घायल होने की खबर नहीं है लेकिन इसकी वजह से शिक्षक का परिवार बुरी तरह डर गया है और हिंदू परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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बीरेंद्र कुमार डे अपने गांव में सम्मानित शिक्षक हैं और स्थानीय लोग उन्हें ‘झुन्नु सर’ कहते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बीरेंद्र कुमार डे के योगदान की वजह से उनका काफी सम्मान है और ऐसे में उन पर हुआ यह हमला निश्चित रूप से काफी चिंताजनक है।
‘झुन्नु सर’ के एक पड़ोसी के मुताबिक, आग लगते ही सभी लोग घर से बाहर निकलने में कामयाब रहे लेकिन आग में घर पूरी तरह तबाह हो गया। इस मामले में पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को हिंदू और अन्य समुदायों की हिफाजत के लिए कदम उठाने चाहिए।
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भारत ने जताई थी चिंता
भारत ने हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों विशेष रूप से हिंदुओं पर बार-बार होने वाले हमलों के चिंताजनक पैटर्न पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। भारत ने कहा था कि वह पड़ोसी देश में स्थिति पर नजर रख रहा है।
दीपू दास की हत्या के बाद भड़का था आक्रोश
बांग्लादेश में जब दीपू दास नाम के शख्स की हत्या हुई थी तो भारत में कई शहरों में हिंदू संगठनों से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए थे। उनका कहना था कि बांग्लादेश में बेकसूर हिंदू समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है और वहां की मोहम्मद यूनुस सरकार हिंदू समुदाय की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं कर रही है।
छात्र नेता उस्मान हादी की हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से ही बांग्लादेश में फिर से अशांति का दौर शुरू हो गया है। फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं और हिंदुओं पर हमले हुए हैं। ऐसे में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस सप्ताह की शुरुआत में, फेनी जिले के डागनभुइयां उपज़िले में बदमाशों ने एक और हिंदू व्यक्ति की कुल्हाड़ी और चाकू से वार करके हत्या कर दी थी। बांग्लादेश के ही जगतपुर गांव में कुछ दिन पहले 27 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक समीर दास का शव खेत से बरामद किया गया था।
