Bangladesh News: बांग्लादेश में एक और हिंसक घटना सामने आई है। यहां एक हिंदू व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय राणा प्रताप के रूप में हुई है। वह एक फैक्ट्री मालिक थे और एक अखबार के कार्यवाहक संपादक भी थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, राणा प्रताप के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे।

यह हत्या ऐसे समय में हुई है, जब हाल के महीनों में देश में एक हिंदू विधवा के साथ बलात्कार और कम से कम तीन हिंदू पुरुषों की हत्याएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है।

अधिकारियों के अनुसार, राणा प्रताप की हत्या सोमवार शाम करीब 6 बजे दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश के जशोर जिले के मनीरामपुर उप-जिले के कोपलिया बाजार इलाके में हुई। मनोहरपुर यूनियन परिषद के अध्यक्ष अख्तर फारुक मिंटू ने बताया कि राणा प्रताप एक स्कूल शिक्षक के बेटे थे और पिछले दो साल से कोपलिया बाजार में बर्फ का कारखाना चला रहे थे। सोमवार शाम कुछ लोग उन्हें कारखाने से बाहर बुलाकर एक गली में ले गए और वहां सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

स्थानीय निवासी रिपन हुसैन ने बताया कि हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे। पहले उनका राणा प्रताप से झगड़ा हुआ, फिर उन्होंने उसके सिर में कई गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए। प्रताप के शव के पास से सात खाली कारतूस बरामद हुए।

एक स्थानीय सूत्र के अनुसार, राणा प्रताप के खिलाफ जशोर जिले के अलग-अलग पुलिस थानों में कई मामले दर्ज थे। यह भी कहा जा रहा है कि वह एक चरमपंथी समूह से जुड़े हुए थे। राणा प्रताप नरैल जिले से निकलने वाले दैनिक अखबार ‘बी.डी. खोबोर’ के कार्यवाहक संपादक भी थे।

अखबार के समाचार संपादक अबुल कासिम ने बताया कि राणा प्रताप उनके अखबार के कार्यवाहक संपादक थे। उन्होंने कहा कि एक समय उनके खिलाफ मामले जरूर दर्ज थे, लेकिन बाद में वे सभी मामलों में बरी हो गए थे। अबुल कासिम ने यह भी कहा कि हत्या के पीछे की वजह उन्हें नहीं पता है।

वहीं, केशबपुर उप-जिले की सुफलकटी यूनियन में बीएनपी के महासचिव और अरुआ गांव के निवासी जहांगीर आलम ने आरोप लगाया कि राणा प्रताप एक चरमपंथी संगठन से जुड़े थे।

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जहांगीर आलम ने कहा कि राणा प्रताप की कोपालिया इलाके में एक बर्फ की फैक्ट्री थी और उसी इलाके में उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रताप कई विवादों में घिरे रहते थे। वह कोपालिया इलाके में बिना किसी डर के घूमते थे और अपने गांव में नहीं रहते थे।

मनीरामपुर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी रजीउल्लाह खान ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या में कौन-कौन लोग शामिल थे।

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