सर्च इंजन गूगल पर कथित खालिस्तान की राजधानी को लेकर चौंकाने वाले रिजल्ट सामने आए हैं। गूगल पर खालिस्तान सर्च करने पर इसकी राजधानी लाहौर लिखा हुआ नजर आया है। अगर आप गूगल पर ‘कैपिटल ऑफ खालिस्तान’ सर्च करते हैं तो लाहौर लिखा हुआ आएगा। एनसाइक्लॉपीडिया विकिपीडिया के मुताबिक पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी भारत के क्षेत्रों को नवगठित देश खालिस्तान कहा गया है। इसमें बताया गया कि खालिस्तान की राजधानी लाहौर होगी। लाहौर…एक ऐसा शहर, जहां महाराजा रणजीत सिंह ने सिख साम्राज्य की स्थापना की और उनके वंशजों ने सदियों तक यहां शासन किया था।
खास बता है कि अमेरिका स्थित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के कानूनी सलाहकार और अलगाववादी आंदोलन के प्रमुख प्रचारक गुरपवंत सिंह पन्नू इन रिजल्ट से खुद आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा कि जो कोई भी लाहौर को खालिस्तान की राजधानी बता रहा है मैं उसके अभियान को देखना चाहता हूं। उनकी क्या योजना है और वो इसपर अमल कैसे कर रहे हैं।
इसी बीच जब उनसे पूछा कि खालिस्तान की राजधानी लाहौर बताने के पीछे उनकी कोई छिपी मंशा तो नहीं, इस पर उन्होंने कहा, ‘जो लोग लाहौर को खालिस्तान की राजधानी चाहते हैं, उन्हें एसएफजे की जरुरत या अनुमति की आवश्यकता नहीं है।’
उन्होंने आगे कहा कि वो रेफरेंडम 2020 के जरिए एक स्वतंत्र देश के रूप में पंजाब को स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि खालिस्तानी उग्रवादियों को पाकिस्तान छिपे रूप से समर्थन देता है। ये भी किसी से छिपा नहीं कि भारत में आतंकी गतिविधियों में पाकिस्तान की संलिप्ता कई बार सार्वजनिक हो चुकी है।
मामले में भगत सिंह यूथ फ्रंट के चेयरमैन गुरमीत सिंह बबलू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गूगल सर्च इंजन में अगर लाहौर लिखा नजर आ रहा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। चूंकि अगर पाकिस्तान अपने मुल्क खालिस्तान बनाने और इसकी राजधानी लाहौर बनाने के लिए तैयार है तो बुरा क्या है। कम से कम से भारत में ऐसा नहीं होगा।
