Iran President Warns US: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को अमेरिका को चेतावनी दी कि देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर किसी भी तरह का हमला युद्ध की घोषणा के बराबर होगा। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान अपने ऊपर होने वाले हर एक हमले का पूरी ताकत के साथ जवाब देगा।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अगर ईरान के लोगों को अपने जीवन में कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो इसका एक मुख्य कारण अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा थोपी गई दीर्घकालिक शत्रुता और अमानवीय प्रतिबंध हैं। हमारे देश के सर्वोच्च नेता के खिलाफ कोई भी आक्रामकता ईरानी राष्ट्र के खिलाफ पूर्ण युद्ध के समान है।”
पेजेश्कियन की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद आई हैं। शनिवार को पॉलिटिको को दिए एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के लगभग 40 साल के शासन को खत्म करने का आह्वान किया। इतना ही नहीं उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर को बीमार आदमी बताया और उन पर अपने ही लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, “देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए नेतृत्व को ठीक से ध्यान देना चाहिए, जैसा कि मैं अमेरिका के साथ करता हूं, न कि सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए हजारों लोगों को मारने पर।” उन्होंने आगे कहा, “नेतृत्व सम्मान के बारे में है, न कि भय और मृत्यु के बारे में।”
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ईरान में क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन?
अब ईरान में अशांति की बात की जाए तो यह 28 दिसंबर को शुरू हुई। देश में बढ़ती कीमतें और आर्थिक परेशानियों को लेकर गुस्सा तेहरान से पूरे देश के शहरों में फैल गया। विरोध प्रदर्शन बढ़ने पर ईरानी अधिकारियों ने 8 जनवरी को इंटरनेट और फोन सेवाओं को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया। इस कदम से ईरान का ज्यादातर हिस्सा बाहरी दुनिया से कट गया।
ईरान में लगभग पूरी तरह से इंटरनेट ठप होने के कारण मरने वालों की सही संख्या अभी तक साफ नहीं हो पाई है। अमेरिका स्थित ईरानी एचआरएएनए का कहना है कि कम से कम 3090 लोग मारे गए हैं। कुछ एक्टिवस्ट ग्रुपों का मानना है कि संख्या इससे कहीं ज्यादा है। वहीं, 24000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले हफ्ते दिए गए एक भाषण में खामेनेई ने पहली बार स्वीकार किया कि हजारों लोग मारे गए हैं। उन्होंने हिंसा के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया और प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए ट्रंप को अपराधी कहा। उन्होंने इसमें शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा की भी मांग की।
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