रूस और अमेरिका के बीच टेंशन बढ़ गई है। दरअसल अमेरिका ने रूस के झंडे वाले एक तेल टैंकर को सीज कर दिया है। अमेरिकी नेवी ने यह कार्रवाई की है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ गई है। खबर यह भी है कि रूसी नौसेना के युद्धपोत और पनडुब्बियां भी उत्तरी अटलांटिक महासागर में मौजूद है। वहीं रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है।
रूस का जहाज सीज
यूएस यूरोपीय कमान ने बुधवार को पुष्टि करते हुए बताया कि वेनेजुएला के तेल व्यापार से जुड़े एक रूसी टैंकर मरीनेरा को अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने अपने नियंत्रण में ले लिया। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में की गई है और वारंट के आधार पर की गई है। अटलांटिक महासागर में यह कार्रवाई हुई है। बता दें कि आइसलैंड के पास समुद्र में रूसी नौसेना की एक पनडुब्बी और कई युद्धपोत भी तैनात थे।
अमेरिका पर भड़का रूस
अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए रूस ने कहा कि किसी भी देश को किसी अन्य देश के अधिकार क्षेत्र में विशेषकर खुले समुद्र में रजिस्टर्ड जहाजों के विरुद्ध बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। टेलीग्राम पर जारी एक बयान में रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि टैंकर मेरिनेरा को रूसी और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार 24 दिसंबर, 2025 को रूसी संघ के ध्वज के तहत अस्थायी रूप से चलने की अनुमति मिली थी।
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बयान में कहा गया कि अमेरिकी नौसेना बलों ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के बाहर जहाज पर चढ़ाई की, जिसके बाद जहाज से संपर्क टूट गया। 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) का हवाला देते हुए रूसी मंत्रालय ने कहा, “24 दिसंबर 2025 को रूसी कानून और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जारी रूसी संघ के ध्वज के तहत चलने के लिए मेरिनेरा को एक अस्थायी परमिट प्राप्त हुआ था। आज रूस के समयानुसार लगभग दोपहर 3 बजे, किसी भी देश के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से बाहर खुले समुद्र में अमेरिकी नौसेना बलों द्वारा जहाज पर चढ़ाई की गई और जहाज से संपर्क टूट गया।”
परिवहन मंत्रालय ने आगे कहा, “समुद्री कानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अनुसार खुले समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता लागू होती है और किसी भी राज्य को अन्य राज्यों के अधिकार क्षेत्र में विधिवत पंजीकृत जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है।”
लगातार ट्रैक किया जा रहा था जहाज
अमेरिका का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधा निर्देश है कि वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल लेकर आने वाले हर जहाज पर कार्रवाई की जाएगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रूसी टैंकर को रातों-रात नहीं पकड़ा गया बल्कि कई हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में इसे ट्रैक किया गया। यह टैंकर कई बार अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी को चकमा देकर निकल चुका था और अमेरिकी तटरक्षक बल के अनुरोधों को ठुकराया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जहाज ने बीच समुद्र में अपनी पहचान छुपाने के लिए झंडा और रजिस्ट्रेशन तक बदल दिया।
