अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस को नए गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा गया है। इसके साथ ही अमेरिका ने ट्रंप के इस स्पेशल बोर्ड में यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा और थाईलैंड को भी निमंत्रण भेजा है।
इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने भारत को गाजा शांति बोर्ड में शामिल होने न्योता भेजा है। बता दें कि यह बोर्ड गाजा शांति योजना के अगले चरण की देखरेख करेगा। इस बोर्ड को लेकर इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे इजरायल के लिए बुरा कहा और रद्द करने की मांग की।
रूस कर रहा प्रस्ताव पर विचार
न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस बारे में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी निमंत्रण मिला है और क्रेमलिन अब इस पर विचार-विमर्श कर रहा है। आगे कहा कि रूस अमेरिका के साथ संपर्कों में सभी बारीकियों को स्पष्ट करने का प्रयास करेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति का यह कदम सबको हैरान करने वाला लग रहा है क्योंकि एक तरफ यूक्रेन-रूस जंग को लेकर वे पुतिन की आलोचना करते रहते हैं। इस न्योते को लेकर किसी को अमेरिका का मकसद समझ नहीं आ रहा कि ट्रंप आखिर करना क्या चाहते हैं?
ईयू और थाईलैंड को भी भेजा न्योता
इधर थाई विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि उसे भी यह निमंत्रण मिला है और वह भी समीक्षा कर रहा है। साथ ही यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ओलोफ गिल ने भी इसकी पुष्टि की कि अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को यह निमंत्रण मिला है और वह गाजा के मुद्दे पर अन्य यूरोपीय संघ के नेताओं से बात करेंगी।
हालांकि ओलोफ गिल ने यह नहीं कहा कि उनकी ओर से इस निमंत्रण को स्वीकार किया गया है या नहीं, लेकिन उन्होंने यह कहा कि यूरोपीय संघ गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए एक व्यापक योजना में योगदान देना चाहता है। बता दें कि अभी यह नहीं पता चला है कि अमेरिका ने इस बोर्ड में कितने नेताओं को शामिल होने का न्योता दिया है।
इजरायल ने किया विरोध
बोर्ड को लेकर इजरायल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने इसे इजरायल के लिए गलत बताते हुए खारिज कर दिया और इसे भंग करने की मांग की। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नई यत्ज़िव बस्ती के उद्घाटन समारोह में बेज़लेल स्मोट्रिच ने कहा, “अब राष्ट्रपति को यह समझाने का समय आ गया है कि उनकी योजना इजरायल के लिए नुकसानदेय है और इसे खत्म कर देना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “गाजा हमारा है, इसका भविष्य किसी और के भविष्य से कहीं अधिक हमारे भविष्य को प्रभावित करेगा। हम वहां जो कुछ भी होगा उसकी जिम्मेदारी लेंगे, सैन्य प्रशासन लागू करेंगे और मिशन को पूरा करेंगे।”
‘हमास को नष्ट करेगा इजरायल‘
इजरायल के वित्त मंत्री ने यहां तक सुझाव दिया कि अगर हमास निरस्त्रीकरण और निर्वासन के लिए दिए गए अल्टीमेटम का पालन नहीं करता है, तो इजरायल गाजा पर पूर्ण पैमाने पर हमला करके हमास को नष्ट कर दे।
शनिवार को, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि समिति का गठन इजरायली सरकार के समन्वय के बिना किया गया था और यह “उसकी नीति के विपरीत” है। अमेरिका द्वारा आगामी दिनों में, संभवतः स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान, अपने सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। बोर्ड के सदस्य एक कार्यकारी समिति की देखरेख करेंगे जो गाजा शांति योजना के दूसरे चरण को लागू करने के लिए जिम्मेदार होगी, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, हमास का निरस्त्रीकरण और युद्धग्रस्त क्षेत्र का पुनर्निर्माण शामिल है। आगे पढ़िए रूस ने ब्रिटिश डिप्लोमैट को क्यों सुनाया देश छोड़ने का फरमान
