Winter Acidity Problem: सर्दियों का मौसम जहां एक ओर गरमागरम खाने-पीने का मजा देता है, वहीं दूसरी ओर यह पाचन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ा देता है। ठंड के मौसम में शरीर की पाचन क्षमता थोड़ी धीमी हो जाती है। लार का उत्पादन कम होता है और लोग तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन ज्यादा खाने लगते हैं। यही आदतें आगे चलकर एसिडिटी, गैस और एसिड रिफ्लक्स की समस्या पैदा कर देती हैं। हालांकि अगर डाइट पर थोड़ा ध्यान दिया जाए, तो सर्दियों में भी पेट को आराम दिया जा सकता है। हेल्दी और आसानी से पचने वाला भोजन एसिडिटी से बचाव में काफी मददगार होता है। हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, लिवर स्पेशलिस्ट, एडवांस्ड एंडोस्कोपिक इंटरवेंशंस एंड ट्रेनिंग के लीड और क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. नवीन पोलवरापु से जानते हैं कि सर्दियों में किन 6 चीजों को खाने से एसिडिटी से राहत मिल सकती है।
हर्बल चाय
सर्दियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ठंड में प्यास कम लगती है। कम पानी पीने से पेट में एसिड जमा होने लगता है। ऐसे में हर्बल चाय बहुत फायदेमंद होती है। सौंफ की चाय, अदरक की चाय या कैमोमाइल टी पीने से पेट को आराम मिलता है। ये चाय पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को कंट्रोल करती हैं और जलन कम करती हैं। ध्यान रखें कि चाय या कॉफी ज्यादा न पिएं, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन एसिडिटी बढ़ा सकता है। इसके अलावा खाना हमेशा सीधे बैठकर खाएं और खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें। रात में सोते समय बेड का सिरहाना 6 से 8 इंच ऊंचा रखें, इससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या कम होती है।
ओट्स और साबुत अनाज
अगर आप सर्दियों में एसिडिटी से परेशान रहते हैं, तो ओट्स और साबुत अनाज आपकी डाइट का हिस्सा जरूर होने चाहिए। सुबह नाश्ते में केला या सेब डालकर ओटमील खाना बहुत फायदेमंद होता है। ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट के अतिरिक्त एसिड को सोख लेता है। इसमें पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकन भोजन नली में एक तरह की सुरक्षा परत बना देता है, जिससे जलन और सीने में दर्द नहीं होता। साबुत अनाज जैसे दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन रोटी भी पाचन को मजबूत बनाते हैं।
सही फल चुनें, खट्टे फलों से बचें
अक्सर लोग सोचते हैं कि सभी फल हेल्दी होते हैं, लेकिन एसिडिटी के मरीजों को खट्टे फलों से दूरी बनानी चाहिए। संतरा, अनानास जैसे फल पेट में जलन बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय पपीता, नाशपाती और खरबूजा जैसे फल खाएं। पपीते में मौजूद पपैन एंजाइम प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करता है, जिससे पेट में एसिड जमा नहीं होता। अगर नाशपाती कच्ची खाने से परेशानी हो, तो उसे बेक करके खाएं। पकाने से उसकी एसिड बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
सर्दियों की सब्जियों को दें प्राथमिकता
सर्दियों में मिलने वाली हरी और जड़ वाली सब्जियां एसिडिटी के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। गाजर, पालक, ब्रोकली जैसी सब्जियों में मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है, जो पेट के एसिड को संतुलित करता है। इसके अलावा शकरकंद भी एक बेहतरीन विकल्प है। इसे उबालकर, भूनकर या मैश करके खाया जा सकता है। शकरकंद पेट के पीएच लेवल को स्थिर रखने में मदद करता है और गैस की समस्या कम करता है।
हल्के डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें
एसिडिटी से राहत पाने के लिए कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें। जैसे – कम फैट दही, ग्रीक योगर्ट या बादाम का दूध। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट की अंदरूनी परत को मजबूत करते हैं और पाचन सुधारते हैं। अगर दही के साथ थोड़ा अदरक मिला लिया जाए, तो पेट की सूजन और जलन और जल्दी शांत होती है।
लीन प्रोटीन को चुनें
सर्दियों में भारी और फैटी प्रोटीन पेट को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए लीन प्रोटीन जैसे ग्रिल्ड चिकन, मछली या टोफू को चुनें। ये आसानी से पच जाते हैं और पेट में भारीपन नहीं करते। खाने के बाद सौंफ चबाना भी बहुत फायदेमंद होता है। सौंफ में मौजूद एनेथॉल तत्व पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देता है और गैस व एसिडिटी से राहत दिलाता है।
निष्कर्ष
सर्दियों में एसिडिटी से बचना मुश्किल नहीं है, बस सही खान-पान अपनाने की जरूरत है। हर्बल चाय, ओट्स, सही फल, हरी सब्जियां, हल्के डेयरी प्रोडक्ट्स और लीन प्रोटीन को अगर रोज की डाइट में शामिल कर लिया जाए, तो एक हफ्ते के अंदर ही फर्क नजर आने लगता है। अगर इसके बावजूद एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
