डायबिटीज यानी मधुमेह एक लाइलाज मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रूप से घटता-बढ़ता रहता है। देश में डायबिटीज के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए और सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2025 तक भारत में मधुमेह के रोगियों की तादाद 6.99 करोड़ तक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो खराब खानपान और हार्मोन्स में बदलाव के कारण बॉडी में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है, जिसके कारण डायबिटीज की बीमारी होती है।
मधुमेह के रोगियों को अपना ब्लड शुगर यानी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्ट अटैक या फिर ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को फास्टिंग के दौरान और खाना खाने के बाद अपने ब्लड शुगर लेवल की जरूर जांच करनी चाहिए। लेकिन कई बार ब्लड शुगर लेवल कब बढ़ जाए, इसका पता नहीं चल पाता।
खासतौर पर रात के समय। साधारण लोग रात के समय पानी पीने या फिर पेशाब के लिए उठते हैं, उसके बाद वह तुरंत सो भी जाते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज अक्सर रात के 3 बजे उठ जाते हैं। इसका कारण पेशाब आना या फिर प्यास लगना नहीं बल्कि अचानक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना होता है।
रात के 3 बजे क्यों बढ़ जाता है ब्लड शुगर लेवल: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो डॉन फेनोमेनन और सोमोगी इफेक्ट के कारण मधुमेह के रोगियों में रात के 3 बजे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। डॉन फेनोमेनन यानी रात के समय लिवर अधिक मात्रा में ग्लोकूज रिलीज करता है, यह प्रक्रिया रात 2 बजे से 3 बजे तक के बीज होती है। जिसके कारण मधुमेह के रोगियों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
इस तरह करें ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल: अगर रात में 3 बजे ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है तो सबसे पहले डॉक्टर्स से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार डायबिटीज की दवाइयों में बदलाव करें। नाश्ते में अधिक चीजें ना खाएं। सोते समय कार्ब्स से भरपूर स्नैक्स का सेवन करें। इसके अलावा अपने वर्कआउट रुटीन में बदलाव करें।
