डायबिटीज एक तरह का मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल पर नजर बनाए रखना बेहद ही जरूरी है। बता दें की बॉडी में जब पैन्क्रियाज इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाए या फिर ठीक तरीके से प्रयोग नहीं हो पाता तो व्यक्ति डायबिटीज यानी मधुमेह की चपेट में आ जाता है। खून में शुगर की मात्रा को इंसुलिन हार्मोन नियंत्रित करता है। शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से हार्ट अटैक, किडनी पेलियर और लिवर फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डायबिटीज के मरीजों को समय-समय पर अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करने की सलाह देते हैं।

ब्लड शुगर लेवल रेंज: एक स्वस्थ शरीर का नॉर्मल फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल 70 से 150 mg/dl होता है। खाने से पहले 90-130 mg/dl शुगर लेवल होना चाहिए। वहीं, खाने के 2 घंटे बाद सामान्य रक्त शर्करा का स्तर 140mg/dl होना चाहिए। इसके अलावा रात को सोने से पहले यह स्तर 90-150 mg/dl के बीच होना चाहिए। अगर डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर लेवल की मात्रा 200 से 400 mg/dl के बीच हो जाए तो यह स्तर खतरनाक माना जाता है।

कैसे करें ब्लड शुगर लेवल की जांच: वैसे तो आज मार्केट में बहुत से पोर्टेबल ग्लूकोज मीटर उपलब्ध हैं, जिनके जरिए घर पर ही बैठकर आसानी से रक्त शर्करा के स्तर की जांच की जा सकती है। ग्लूकोमीटर के जरिए उंगली से ब्लड निकालकर लैंसेट पर रखा जाता है, जो केवल 15 सैकंड के भीतर आपके ग्लूकोज का लेवल बता देती है।

कब करें ब्लड शुगर लेवल का टेस्ट: डायबिटीज के मरीजों के लिए दिन में एक बार अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच करना बेहद ही जरूरी है। खाना खाने से पहले, कसरत करने के पहले, रात को सोने से पहले और ड्राइविंग से पहले ब्लड शुगर लेवल की जांच की जा सकती है।

डायबिटीज रोगियों के खाने का टाइम फिक्स होना बहुत जरूरी है। रात का खाना ज्यादा देरी से न खाएं, सोने से दो घंटे पहले डिनर कर लें। साथ ही, मरीजों को रात में चावल खाने से बचना चाहिए।