यूरिक एसिड एक प्रकार का अपशिष्ट उत्पाद है जिसे शरीर से तब फ़िल्टर किया जाता है जब आप प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को पचाते हैं। प्यूरीन एक प्रकार का रसायन जो शरीर में बनता और टूटता है। जब प्यूरीन से भरपूर डाइट का सेवन किया जाता है और किडनी उसे फिल्टर करके बॉडी से बाहर नहीं निकाल पाती तो ये यूरिक एसिड जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं को पैदा करता है।

महिलाओं में सामान्य यूरिक एसिड का स्तर 2.4 से 6.0 mg/dL और पुरुषों में 3.4 से 7.0 mg/dL होता है। समस्या तब उत्पन्न हो सकती है जब यूरिक एसिड का स्तर 7mg/DL से ऊपर हो जाता है। यूरिक एसिड का स्तर हाई होने पर हाइपरयुरिसीमिया की स्थिति उत्पन्न होती है जो गाउट का कारण बनती है। गाउट की बीमारी की वजह से गंभीर जोड़ों का दर्द होने लगता है। यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी में पथरी का खतरा बढ़ जाता है और यूरीन डिस्चार्ज करने में परेशानी होती है।

लंबे समय तक अगर यूरिक एसिड को कंट्रोल नहीं किया जाए तो ये टॉक्सिन कई समस्याएं पैदा कर सकता है। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि हाई यूरिक एसिड हड्डी और ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है और गठिया का कारण बनता है। यूरिक एसिड टाइप -2 मधुमेह और हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कुछ फूड्स का सेवन बेहद असरदार साबित होता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट सलीम जैदी के मुताबिक यूरिक एसिड को जड़ से खतम करने के लिए कुछ तरीकों को अपनाना जरूरी है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कैसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करें।

वजन को कंट्रोल करें:

यूरिक एसिड को कंट्रोल करना चाहते हैं तो वजन को कंट्रोल करें। अधिक वजन शरीर में सूजन के स्तर को बढ़ाता है और यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित करता है। अधिक वजन किडनी के कार्य करने में बाधा बनता है जिससे टॉक्सिन बॉडी से बाहर नहीं निकल पाते।

डाइट पर कंट्रोल रखें:

यूरिक एसिड के स्तर को कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका प्यूरीन से भरपूर फूड्स से परहेज करना है। ये फूड्स यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि करते हैं। कुछ प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड का जोखिम बढ़ा सकते हैं। शराब और बीयर का सेवन यूरिक एसिड को बढ़ाता है।

पानी का अधिक सेवन करें:

बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए और बॉडी से टॉक्सिन को निकालने के लिए पानी का अधिक सेवन करना बॉडी के लिए जरूरी है। पानी का अधिक सेवन करने से किडनी का काम आसान होता है, वो आसानी से टॉक्सिन को फिल्टर करके यूरीन के जरिए बॉडी से बाहर निकालती है। आपको हर दिन कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।

तनाव के स्तर को कम करें:

तनाव सब बीमारियों की जड़ है। तनाव अधिक होने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ृ सकता है। तनाव शरीर में सूजन के स्तर को बड़ा सकता हैं। तनाव को दूर करने के लिए आप गहरी सांस लेने, ध्यान, योग, व्यायाम जैसी तकनीकों का पालन करें। डिजिटल स्क्रीन पर कम समय गुजारें।