Sweet Potato vs Potato: सर्दियों के मौसम में शकरकंद खाने का चलन काफी बढ़ जाता है। शकरकंद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी माना जाता है, लेकिन वजन कम करने वाले लोग अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि वेट लॉस के लिए शकरकंद ज्यादा फायदेमंद है या आलू। दोनों ही कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वजन घटाने के दौरान किसे चुनना बेहतर रहेगा। दिल्ली की क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, वजन कम करने के लिए सिर्फ कैलोरी या कार्ब्स देखना ही काफी नहीं होता, बल्कि फाइबर, पोषण और ब्लड शुगर पर असर भी उतना ही जरूरी होता है। तो चलिए रक्षिता मेहरा से जानते हैं कि वजन कम करने के लिए इन दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है।

शकरकंद और आलू के पोषक तत्वों में अंतर

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, अगर 100 ग्राम उबले आलू की बात करें, तो इसमें लगभग 75–80 कैलोरी, 17–18 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और करीब 2 ग्राम फाइबर पाया जाता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। वहीं 100 ग्राम उबले शकरकंद में लगभग 85–90 कैलोरी, 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 3–4 ग्राम फाइबर मौजूद होता है। इसके अलावा शकरकंद में विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कुल मिलाकर कैलोरी दोनों में लगभग समान होती है, लेकिन शकरकंद पोषण और फाइबर के मामले में आगे रहता है।

वजन कम करने के लिए क्या है बेहतर?

वजन कम करने के लिए फाइबर को बेहद जरूरी माना जाता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है। इसके साथ ही यह पाचन को भी बेहतर बनाता है। चूंकि शकरकंद में आलू की तुलना में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए यह वजन घटाने में ज्यादा मददगार माना जाता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स का महत्व

ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी GI यह बताता है कि कोई भोजन खाने के बाद ब्लड शुगर कितनी तेजी से बढ़ाता है। आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आमतौर पर ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। वहीं शकरकंद का GI कम या मध्यम होता है। कम GI वाले खाद्य पदार्थ इंसुलिन स्पाइक को कम करते हैं और शरीर में फैट जमा होने की संभावना भी घटाते हैं। इस वजह से शकरकंद को वेट लॉस के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का भी है फायदा

शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है। यह इम्यूनिटी मजबूत करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और स्किन को हेल्दी रखने में मदद करता है। दूसरी ओर आलू में पोटैशियम और विटामिन सी जरूर होता है, लेकिन कुल मिलाकर शकरकंद की तुलना में इसके पोषक तत्व थोड़े कम होते हैं।

कैसे पकाएं?

वजन घटाने के दौरान यह बेहद जरूरी है कि आप आलू या शकरकंद को किस तरह पकाकर खा रहे हैं। तला हुआ आलू या फ्रेंच फ्राइज वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। उबला या हल्का भुना आलू कभी-कभार खाया जा सकता है। वहीं वजन कम करने के लिए उबली या भुनी हुई शकरकंद बेहतर विकल्प है। लेकिन अगर शकरकंद पर चीनी या घी डालकर खाया जाए, तो इसकी कैलोरी बढ़ जाती है, जिससे वेट लॉस रुक सकता है।

न्यूट्रिशनिस्ट रक्षिता मेहरा के अनुसार, वजन कम करने के लिए आलू को पूरी तरह डाइट से हटाना जरूरी नहीं है। बस इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। आलू को अन्य सब्जियों और प्रोटीन के साथ मिलाकर खाया जाए, तो यह संतुलित भोजन का हिस्सा बन सकता है और वजन पर ज्यादा असर नहीं डालता।

निष्कर्ष

वजन कम करने के लिहाज से देखा जाए, तो आलू की तुलना में शकरकंद ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें फाइबर ज्यादा, ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम और पोषक तत्व अधिक होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं। हालांकि सिर्फ एक या दो चीजें बदलने से वजन कम नहीं होता। इसके लिए संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और कैलोरी कंट्रोल भी उतना ही जरूरी है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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