यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते हैं। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम बनी रहे इसके लिए किन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए। इसके अलावा यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है जिससे दर्द महसूस होने लगता है। यूरिक एसिड के कण धीरे-धीरे जोड़ों पर जमा हो जाते हैं और फिर सूजन और दर्द का कारण बनते हैं। कुछ लोग चाय के बेहद शौकिन होते हैं। ऐसे में उन्हें पता होना चाहिए कि उनके लिए कौन सी चाय सही है और कौन सी नहीं। आइए जानते हैं यूरिक एसिड के मरीजों के लिए कौन सी चाय सही है ग्रीन-टी या मिल्क-टी-
ग्रीन-टी: यूरिक एसिड के मरीजों के लिए ग्रीन टी का नियमित सेवन लाभदायक होता है। ग्रीन-टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हाइपरयूरिसेमिया यानि हाई यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सक्षम है। साथ ही, ग्रीन टी पीने से गाउट जैसी बीमारी का खतरा भी कम होता है। ग्रीन टी बॉडी में यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित करती है। इसके साथ ही जो लोग दिन में 2 बार ग्रीन टी पीते हैं उन्हें गठिया होने का खतरा भी कम होता है। साथ दर्द और सूजन जैसी समस्या भी दूर होती है।
मिल्क टी: यूरिक एसिड के मरीजों को मिल्क टी का सेवन करने से बचना चाहिए। दूध में फैट की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता है। इसके अलावा मिल्क टी में चीनी भी उच्च मात्रा में मौजूद होता है जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है और यह यूरिक एसिड के मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
यूरिक एसिड के मरीज और किन चीजों का सेवन करें:
– सेब का सिरका बढ़े यूरिक एसिड में बहुत मददगार हो सकता है।
– हाई फाइबर फूड लेने से आप बढ़े हुए यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। फाइबर शरीर में अतिरिक्त यूरिक एसिड को सोखने का काम करता है।
– सभी प्रकार के फल यूरिक एसिड की समस्या में फायदेमंद होते हैं। चेरी यूरिक एसिड के स्तर को कम करती है।
– अंडा भी यूरिक एसिड के मरीजों को खाना चाहिए।
– सभी प्रकार की फलियां जैसे मसूर की दाल, बीन्स, सोयाबीन और टोफू आदि यूरिक एसिड की समस्या में खा सकते हैं।

